नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार देश की युवा पीढ़ी यानी जेन जी (Gen Z) की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि धमकी, एफआईआर और सोशल मीडिया अकाउंट बंद कराने जैसे कदमों से युवाओं को चुप नहीं कराया जा सकता।
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा, “पीएम मोदी और अमित शाह, आप जेन जी को धमकाकर चुप नहीं करा सकते। पहले आपने उनके हाथ-पैर तोड़े। अब एफआईआर कर रहे हैं और उनके सोशल मीडिया अकाउंट बंद करवा रहे हैं। आप भारत का अतीत हैं। भारत के भविष्य के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए, इसे लेकर सावधान रहें।”
लोकसभा में बोलने नहीं देने का लगाया आरोप
इससे पहले बुधवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि उन्हें लोकसभा में अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया। उनके अनुसार, उनसे कहा गया कि यदि वे गृह मंत्री अमित शाह पर दिए गए बयान के लिए माफी मांग लें, तभी उन्हें सदन में बोलने दिया जाएगा। राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने माफी मांगने से इनकार कर दिया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने कई बार लोकसभा अध्यक्ष से व्यवस्था बहाल करने और उन्हें बोलने का अवसर देने का अनुरोध किया, लेकिन उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया। राहुल गांधी के अनुसार, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य मंत्रियों को कई बार बोलने का अवसर मिला, जबकि उन्हें रोका गया।
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर भी उठाए सवाल
राहुल गांधी ने हालिया छात्र प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने दावा किया कि एक छात्र की आंख में पैलेट लगने से उसकी रोशनी जाने का खतरा है। राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने संबंधित छात्र का मेडिकल दस्तावेज देखा है, जिसमें पैलेट लगने की पुष्टि होने का दावा किया गया है।
अमित शाह पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस सांसद ने गृह मंत्री अमित शाह पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पैलेट गन जैसे कदम उनकी जानकारी के बिना नहीं उठाए जा सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद के दौरान उन्होंने अमित शाह को पुलिस अधिकारियों से फोन पर बातचीत करते देखा था। साथ ही उन्होंने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को भी लगातार फोन आने का जिक्र करते हुए दावा किया कि सरकार को घटनाक्रम की पूरी जानकारी थी।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
राहुल गांधी के आरोपों पर इस खबर के लिखे जाने तक केंद्र सरकार या गृह मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक हलकों में इस बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और बढ़ने की संभावना है।



