नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का फोन आया। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और अमेरिका के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। बातचीत में दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों के साथ साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान प्रदान हुआ।
प्रधानमंत्री मोदी ने फोन पर बातचीत के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस को पुत्र के जन्म पर बधाई दी। उन्होंने पूरे परिवार के लिए शुभकामनाएं भी व्यक्त कीं।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर दी बातचीत की जानकारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर फोन कॉल की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ भारत अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में और मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री ने जेडी वेंस और सेकेंड लेडी उषा वेंस को उनके पुत्र के जन्म पर हार्दिक बधाई देते हुए पूरे परिवार के लिए शुभकामनाएं दीं।
दोनों नेताओं के बीच हुई यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, रक्षा, तकनीक और ऊर्जा समेत कई रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को और व्यापक बनाने के प्रयास जारी हैं।
व्यापार से लेकर रक्षा तक सहयोग बढ़ाने पर जोर
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और अमेरिका के बीच उच्चस्तरीय संवाद की लगातार बनी हुई गति पर संतोष व्यक्त किया।
दोनों पक्षों ने व्यापार, रक्षा, महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों, ऊर्जा सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत और अमेरिका के संबंधों में पिछले कुछ वर्षों में रक्षा और तकनीकी सहयोग का महत्व लगातार बढ़ा है। दोनों देश हिंद प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता, आपूर्ति श्रृंखला और उभरती प्रौद्योगिकियों समेत कई मुद्दों पर एक दूसरे के साथ सहयोग कर रहे हैं।
क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा
फोन पर बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और जेडी वेंस ने उन क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान प्रदान किया, जो दोनों देशों के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।
पीएमओ के बयान के अनुसार, बातचीत में वैश्विक परिस्थितियों और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर दोनों नेताओं के विचार सामने आए। भारत और अमेरिका के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में और मजबूत करने की दिशा में इस तरह के उच्चस्तरीय संवाद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जुलाई में रुबियो और जयशंकर के बीच हुई थी अहम बातचीत
इससे पहले जुलाई 2026 में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच भी महत्वपूर्ण बातचीत हुई थी। दोनों नेताओं ने प्रमुख रक्षा समझौतों पर काम तेज करने और अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रयास जारी रखने पर सहमति जताई थी।
अमेरिका की ओर से उस समय कहा गया था कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौता लगभग पूरा हो चुका है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को लेकर सकारात्मक संकेत मिले थे।
रक्षा सहयोग और व्यापार समझौता दोनों ही भारत अमेरिका संबंधों के महत्वपूर्ण स्तंभ माने जाते हैं। ऐसे में उच्चस्तरीय स्तर पर लगातार हो रही बातचीत को दोनों देशों के बीच रणनीतिक समन्वय के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
मनीला में हुई थी रुबियो और जयशंकर की मुलाकात
मार्को रुबियो और एस. जयशंकर की मुलाकात फिलीपींस की राजधानी मनीला में आसियान विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई थी। बैठक के दौरान दोनों विदेश मंत्रियों ने मध्य पूर्व और हिंद प्रशांत क्षेत्र की स्थिति पर भी चर्चा की थी।
इस बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा और बदलती वैश्विक परिस्थितियों से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई थी। भारत और अमेरिका के लिए हिंद प्रशांत क्षेत्र रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है और दोनों देश इस क्षेत्र में स्थिरता और सहयोग को लेकर लगातार संपर्क में रहते हैं।
रक्षा समझौतों को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रयास
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट के अनुसार, मार्को रुबियो और एस. जयशंकर ने भारत अमेरिका रक्षा सहयोग में हुई प्रगति पर भी चर्चा की थी।
दोनों पक्षों ने पिछले वर्ष राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुए समझौतों के अनुरूप महत्वपूर्ण रक्षा समझौतों को अंतिम रूप देने की दिशा में चल रहे प्रयासों की समीक्षा की थी।
भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग बीते वर्षों में लगातार मजबूत हुआ है। दोनों देशों के बीच सैन्य अभ्यास, रक्षा तकनीक और उपकरणों से जुड़े सहयोग के अलावा रणनीतिक स्तर पर भी समन्वय बढ़ा है।
महत्वपूर्ण खनिज और ऊर्जा सुरक्षा भी साझेदारी के केंद्र में
प्रधानमंत्री मोदी और जेडी वेंस की बातचीत में महत्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा सुरक्षा का मुद्दा भी शामिल रहा। वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच भारत और अमेरिका दोनों के लिए यह क्षेत्र रणनीतिक महत्व रखता है।
महत्वपूर्ण खनिजों का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरी, सेमीकंडक्टर, रक्षा उपकरणों और आधुनिक तकनीकों में होता है। ऐसे में दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता भविष्य की तकनीकी और औद्योगिक जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भारत अमेरिका रिश्तों को नई गति देने की कोशिश
जेडी वेंस और पीएम मोदी के बीच हुई फोन पर बातचीत से एक बार फिर यह संकेत मिला है कि भारत और अमेरिका अपने व्यापक वैश्विक रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं।
व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज और उभरती तकनीकों जैसे क्षेत्रों में सहयोग के साथ दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद भी लगातार जारी है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की बातचीत को द्विपक्षीय संबंधों में रणनीतिक समन्वय बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
बातचीत के दौरान जहां दोनों नेताओं ने भारत अमेरिका साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया, वहीं पीएम मोदी ने जेडी वेंस और उषा वेंस को परिवार में नए सदस्य के आगमन पर बधाई देकर व्यक्तिगत स्तर पर भी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।



