बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में दुष्कर्म और हत्या के मामले में वांछित 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी मोनू को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस के अनुसार, चेकिंग के दौरान संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया था, जिसके बाद बदमाशों ने पुलिस टीम पर कई राउंड फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में मोनू को गोली लगी। उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।
मुठभेड़ के दौरान स्वाट टीम के सब इंस्पेक्टर संदीप कुमार और कांस्टेबल नरेंद्र कुमार भी घायल हुए हैं। इसके अलावा गुलावठी और सिकंदराबाद थाना प्रभारियों की बुलेटप्रूफ जैकेट में भी गोलियां लगीं। पुलिस ने घटनास्थल से पिस्टल, दो मैगजीन, कारतूस और बिना नंबर की बाइक बरामद करने का दावा किया है।
चेकिंग के दौरान दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास
एसएसपी दिनेश कुमार सिंह के अनुसार, पुलिस टीम इलाके में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों को दो संदिग्ध दिखाई दिए। टीम ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों ने रुकने के बजाय पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने कई राउंड गोलियां चलाईं। पुलिस टीम ने अपनी सुरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इसी दौरान एक बदमाश गोली लगने से गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा, जबकि दूसरा बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल रहा।
फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की ओर से इलाके में कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है।
मुठभेड़ में स्वाट टीम के दो पुलिसकर्मी घायल
पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान स्वाट टीम में तैनात सब इंस्पेक्टर संदीप कुमार और कांस्टेबल नरेंद्र कुमार घायल हो गए। इसके अलावा गुलावठी और सिकंदराबाद थाना प्रभारियों की बुलेटप्रूफ जैकेट में भी गोली लगी।
घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। पुलिस टीम ने मुठभेड़ के बाद घायल बदमाश को भी इलाज के लिए पुलिसकर्मियों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने आरोपी को मृत घोषित किया
पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में गोली लगने के बाद मोनू की हालत गंभीर थी। उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया।
जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और हत्या का था आरोपी
पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ में मारा गया मोनू बुलंदशहर के काकोड़ थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के दुष्कर्म और हत्या के मामले में वांछित था।
इस मामले में काकोड़ थाने में 1 अगस्त को मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश और तलाश अभियान चलाया। पुलिस के मुताबिक, मोनू की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
कई जिलों में दर्ज थे आपराधिक मामले
एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए मोनू का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ बुलंदशहर के अलावा गौतम बुद्ध नगर, जीआरपी बरेली और जीआरपी अलीगढ़ समेत कई जिलों और अलग-अलग थाना क्षेत्रों में आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक मामलों और नेटवर्क से जुड़ी अन्य जानकारियों को खंगाल रही है।
फरार साथी की तलाश में कॉम्बिंग अभियान जारी
मुठभेड़ के दौरान मोनू के साथ मौजूद दूसरा आरोपी पुलिस की कार्रवाई के बीच अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश में आसपास के इलाके में कॉम्बिंग शुरू कर दी है।
पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ ही इलाके में आने-जाने वाले रास्तों और संदिग्ध स्थानों की भी जांच कर रही है। बरामद बाइक और हथियारों के आधार पर भी पुलिस फरार आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
घटनास्थल से हथियार और बाइक बरामद
पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से एक पिस्टल, दो मैगजीन, कारतूस और बिना नंबर की बाइक बरामद की है। पुलिस इन बरामद वस्तुओं को मामले की जांच में अहम साक्ष्य मान रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, मुठभेड़ और बरामदगी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। साथ ही फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है।
बुलंदशहर पुलिस के मुताबिक, दुष्कर्म और हत्या के मामले में वांछित आरोपी के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद अब जांच का फोकस उसके फरार साथी की गिरफ्तारी और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को सामने लाने पर है।



