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पीएम मोदी से 6 सांसदों की मुलाकात पर उठाए सवाल: राउत बोले- सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बनाने की कोशिश

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मुंबई। शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के जेन-जी को गुमराह किए जाने संबंधी बयान पर पलटवार किया है। राउत ने आरोप लगाया कि अगर युवाओं को किसी ने भड़काया या गुमराह किया है तो इसके लिए भाजपा ही जिम्मेदार है। उन्होंने नीट पेपर लीक, परीक्षाओं के टलने और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा।

संजय राउत ने कहा कि अगर जेन-जी को भड़काया गया था तो उसे भड़काने वाले भी वही लोग हैं, जिनके हाथ में उस समय शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जेन-जी की नाराजगी के पीछे शिक्षा मंत्रालय के कामकाज से जुड़े मुद्दे भी जिम्मेदार रहे हैं।

नीट पेपर लीक और परीक्षाओं के मुद्दे पर भाजपा को घेरा

राउत ने कहा कि नीट पेपर लीक हुए, परीक्षाएं बार-बार टाली गईं और इससे छात्रों में असंतोष पैदा हुआ। उनके मुताबिक, इन घटनाओं की जिम्मेदारी तत्कालीन शिक्षा व्यवस्था संभालने वालों पर बनती है।

उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं को समझने के बजाय उन पर गुमराह होने या भड़काए जाने का आरोप लगाना उचित नहीं है। राउत ने कहा कि छात्रों और युवाओं के बीच पैदा हुए असंतोष के वास्तविक कारणों पर चर्चा होनी चाहिए।

‘जेन-जी राष्ट्रविरोधी है या भटकाया गया’, पहले भाजपा तय करे

संजय राउत ने भाजपा और आरएसएस के नेताओं के बयानों को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि एक तरफ आरएसएस के कुछ नेता जेन-जी को राष्ट्रविरोधी बताते हैं और दूसरी तरफ भाजपा के कुछ नेता उन्हें किसी के द्वारा भड़काया गया बताते हैं।

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राउत ने कहा कि भाजपा नेताओं को पहले आपस में बैठकर यह तय करना चाहिए कि आखिर युवाओं के बारे में उनकी वास्तविक राय क्या है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि युवा केवल गुमराह किए जाने की वजह से नाराज हैं तो उनकी नाराजगी के मूल कारणों पर चर्चा क्यों नहीं की जा रही है।

धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा था

धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को संबलपुर में जेन-जी को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि नीट पेपर लीक विवाद के दौरान कुछ लोगों ने जेन-जी को गुमराह करने की कोशिश की थी।

इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को सामने रखा और भाजपा पर युवाओं की समस्याओं से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।

एकनाथ शिंदे पर भी साधा निशाना

संजय राउत ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पीछे एक महाशक्ति होने की बात कही थी।

राउत ने शिंदे के बयान पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें अपनी मानसिक स्थिति ठीक करने और मानसिक संतुलन बनाए रखने की जरूरत है। उन्होंने शिंदे के बयान को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीतिक बहस में इस तरह की टिप्पणियों से बचना चाहिए।

प्रधानमंत्री से सांसदों की मुलाकात पर उठाए सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छह सांसदों की मुलाकात को लेकर भी संजय राउत ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि चुनाव चिह्न से जुड़ा मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और ऐसे समय में सांसदों की प्रधानमंत्री से सीधी मुलाकात कई सवाल खड़े करती है।

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राउत ने आशंका जताई कि इस तरह की मुलाकात के जरिए केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बनाने की कोशिश कर सकती है। हालांकि, यह उनका राजनीतिक आरोप है और इसके समर्थन में उन्होंने कोई प्रत्यक्ष प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।

युवाओं के मुद्दे पर आमने-सामने भाजपा और विपक्ष

जेन-जी को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के बयान के बाद शुरू हुआ यह विवाद अब शिक्षा व्यवस्था, नीट परीक्षा और युवाओं के असंतोष से होते हुए व्यापक राजनीतिक बहस में बदलता दिखाई दे रहा है। एक तरफ भाजपा की ओर से युवाओं को गुमराह किए जाने की बात कही जा रही है, वहीं विपक्ष इसे सरकार की नीतियों और परीक्षा व्यवस्था से पैदा हुई नाराजगी बता रहा है।

आने वाले दिनों में जेन-जी, शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे महाराष्ट्र समेत राष्ट्रीय राजनीति में भी चर्चा का बड़ा विषय बन सकते हैं।

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