ग्रेटर नोएडा। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच मुंबई एटीएस और ग्रेटर नोएडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ओमिक्रॉन सेक्टर स्थित एक फ्लैट से दो नाइजीरियाई महिलाओं को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों ने दोनों के कब्जे से करीब 2,688 ग्राम मेथामफेटामाइन बरामद की है। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 5.40 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार फ्लैट से मेथामफेटामाइन के अलावा ड्रग तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला रॉ मैटेरियल भी बरामद किया गया है। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि फ्लैट में किसी तरह की ड्रग तैयार करने की गतिविधि चल रही थी या यहां किसी दूसरे स्थान से ड्रग लाकर उसकी सप्लाई की जाती थी।
दो नाइजीरियाई महिलाओं की गिरफ्तारी
गिरफ्तार महिलाओं की पहचान 32 वर्षीय डेबायो अबोसेडे ओमोवुमी और 33 वर्षीय एंजल ओसास जुलिक्ट के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों महिलाएं करीब दो महीने से ओमिक्रॉन सेक्टर के एक फ्लैट में रह रही थीं।
पुलिस और एटीएस की जांच में यह भी सामने आया कि जिस महिला ने कथित तौर पर फ्लैट किराए पर लिया था, वह फिलहाल फरार है। उसकी तलाश में जांच एजेंसियां संभावित ठिकानों पर कार्रवाई कर रही हैं।
मुंबई में मिली ड्रग से जुड़े सुराग के बाद ग्रेटर नोएडा पहुंची एटीएस
जांच एजेंसियों के अनुसार मुंबई में ड्रग तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान एटीएस ने बांद्रा ईस्ट क्षेत्र में छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में करीब 2,050 ग्राम मेथामफेटामाइन बरामद की गई थी, जिसकी अनुमानित कीमत करीब चार करोड़ रुपये बताई गई थी।
इस मामले में पूछताछ और जांच के दौरान एजेंसी को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले। इन्हीं सुरागों के आधार पर मुंबई एटीएस की टीम ग्रेटर नोएडा पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से संदिग्ध फ्लैट की पहचान की गई।
फ्लैट में छापेमारी के दौरान मिला भारी मात्रा में ड्रग
मुंबई एटीएस और ग्रेटर नोएडा पुलिस की टीम ने कासना थाना क्षेत्र के ओमिक्रॉन सेक्टर स्थित फ्लैट पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में मेथामफेटामाइन और ड्रग तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला रॉ मैटेरियल बरामद हुआ।
मौके पर बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेजा जा रहा है। एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि फ्लैट में मादक पदार्थ तैयार किया जाता था या बाहर से लाई गई ड्रग को यहां से आगे सप्लाई किया जाता था।
बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका
पुलिस और एटीएस इस पूरे मामले को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से जोड़कर भी जांच कर रही हैं। जांच एजेंसियों का फोकस उन लोगों तक पहुंचने पर है, जो मेथामफेटामाइन की आपूर्ति, भंडारण और वितरण से जुड़े हो सकते हैं।
मौके की जांच के बाद संबंधित स्थान को सील कर दिया गया है। एजेंसियां बरामद रॉ मैटेरियल और अन्य साक्ष्यों की जांच कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि वहां ड्रग मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कोई गतिविधि संचालित हो रही थी या नहीं।
मोबाइल फोन से खुल सकते हैं ड्रग नेटवर्क के राज
गिरफ्तार दोनों महिलाओं के मोबाइल फोन भी जांच का अहम हिस्सा हैं। एटीएस और पुलिस मोबाइल फोन में मौजूद संपर्क नंबर, कॉल डिटेल, मैसेज और अन्य डिजिटल जानकारी की जांच कर रही हैं।
जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ के जरिए ड्रग सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सकेगा। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद मेथामफेटामाइन कहां से लाई गई और इसे कहां सप्लाई किया जाना था।
दोनों महिलाओं को मुंबई ले जाया गया
पूछताछ पूरी होने के बाद दोनों गिरफ्तार महिलाओं को ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले जाया गया है। वहां मुंबई में दर्ज मामले और ग्रेटर नोएडा से मिले सुरागों को आपस में जोड़कर आगे की जांच की जाएगी।
जांच एजेंसियों का मानना है कि गिरफ्तार महिलाओं से पूछताछ, मोबाइल फोन की डिजिटल जांच और मौके से बरामद सामग्री के परीक्षण के बाद नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।



