मुज़फ़्फ़रनगर। पुरकाजी कस्बे में गुरुवार की साप्ताहिक बंदी के आदेशों की खुलेआम अनदेखी का मामला सामने आया है। शासन के निर्देशों के तहत जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा की ओर से साप्ताहिक बंदी निर्धारित किए जाने के बावजूद कस्बे की मेन मार्केट में बड़ी संख्या में दुकानें खुली मिलीं।
गुरुवार के दिन साप्ताहिक बंदी के दिन सुबह 11 बजे से दोपहर में एक बजे तक जब बाजार का जायजा लिया गया तो पुरकाजी की मुख्य बाजार में अधिकांश दुकानें खुली नजर आईं। खास बात यह रही कि पुरकाजी थाने और नगर पंचायत कार्यालय के ठीक सामने एवं आसपास के साथ साथ उनके सामने स्थित बाजार में भी कई दुकानें खुली थीं। इससे बंदी के आदेशों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कैमरा देखते ही शटर गिराकर भागे दुकानदार
बाजार में खुले प्रतिष्ठानों की तस्वीरें कैमरे में कैद होने लगीं तो कुछ दुकानदारों में हड़कंप मच गया। मीडिया का कैमरा देखकर कई दुकानदार अपनी दुकानों के शटर गिराते नजर आए। कुछ दुकानदार दुकान बंद कर मौके से निकलते भी दिखाई दिए।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि यदि साप्ताहिक बंदी का आदेश लागू है तो बाजार में इतनी बड़ी संख्या में दुकानें आखिर कैसे खुल रही हैं।
थाने और नगर पंचायत के आसपास भी खुली दुकानें
साप्ताहिक बंदी के उल्लंघन का मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि बाजार के जिस हिस्से में दुकानें खुली मिलीं, वह पुरकाजी थाने और नगर पंचायत कार्यालय के आसपास का इलाका है।
स्थानीय लोगों निर्दोष हैं, डॉ संदीप वर्मा, सादीराम, पप्पू पंसारी, नज़र पप्पू, क़मर आलम, तनवीर मास्टर और खुल्लर आदि का कहना है कि साप्ताहिक बंदी का उद्देश्य व्यापारियों और दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारियों को सप्ताह में कम से कम एक दिन का अवकाश उपलब्ध कराना भी है। ऐसे में यदि कुछ दुकानें बंदी के दिन भी खुलती हैं तो उसका असर उन व्यापारियों पर भी पड़ता है, जो आदेश का पालन करते हुए अपनी दुकानें बंद रखते हैं।
नगर पंचायत अध्यक्ष ज़हीर फारूकी बोले- ’शासन के निर्देशों का पालन होना चाहिए’
पुरकाजी नगर पंचायत अध्यक्ष ज़हीर फारूकी ने कहा कि शासन के निर्देशों के अनुसार सभी व्यापारियों को साप्ताहिक बंदी का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी व्यापारियों को आपस में सहमति बनाकर व्यवस्था के साथ चलना चाहिए।
वहीं, कुछ व्यापारियों का भी मानना है कि साप्ताहिक बंदी पूरी तरह लागू होनी चाहिए। उनका कहना है कि इससे दुकानदारों के साथ-साथ दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी सप्ताह में कम से कम एक दिन आराम करने का अवसर मिलेगा।
पहले भी वायरल हो चुका है बंदी के दिन दुकानें खुलने का वीडियो
यह पहली बार नहीं है जब पुरकाजी में साप्ताहिक बंदी को लेकर सवाल उठे हों। इससे पहले भी बंदी के दिन बाजार की दुकानें खुली रहने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है।
अब एक बार फिर बड़ी संख्या में दुकानें खुली मिलने के बाद सवाल उठ रहा है कि जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद साप्ताहिक बंदी को पूरी तरह लागू कराने की जिम्मेदारी किसकी है और उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।


