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स्वतंत्रता दिवस 2026: लालकिले से ‘वंदे मातरम’ की 150 साल पुरानी विरासत को सलामी, 2500 कैडेटों ने बनाई विशाल आकृति

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नई दिल्ली। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली स्थित लालकिले से देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव से जुड़ा एक विशेष दृश्य देखने को मिला। स्वतंत्रता दिवस के भव्य समारोह में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150 साल पुरानी विरासत को विशेष रूप से याद किया जा रहा है। लालकिले की प्राचीर के सामने ज्ञानपथ पर करीब 2500 कैडेटों और स्वयंसेवकों ने मिलकर ‘वंदे मातरम’ की विशाल आकृति तैयार की।

इस भव्य प्रस्तुति में सेना, नौसेना और वायुसेना के कैडेटों के साथ ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवकों ने भी हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में लड़के और लड़कियां एक साथ इस आकृति का हिस्सा बने, जिससे ज्ञानपथ पर देशभक्ति का अद्भुत नजारा दिखाई दिया।

2500 कैडेटों ने बनाई ‘वंदे मातरम’ की विशाल आकृति

लालकिले की प्राचीर के सामने ज्ञानपथ पर बनाई गई ‘वंदे मातरम’ की आकृति स्वतंत्रता दिवस समारोह के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रही। करीब 2500 प्रतिभागियों ने एकजुट होकर इस आकृति को आकार दिया।

सेना, नौसेना और वायुसेना के कैडेटों के साथ ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवकों की भागीदारी ने कार्यक्रम में युवा शक्ति और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। हजारों लोगों की मौजूदगी में इस प्रस्तुति ने स्वतंत्रता दिवस समारोह को और भव्य बना दिया।

पहली बार लालकिले पर औपचारिक रूप से गूंजेगा ‘वंदे मातरम’

स्वतंत्रता दिवस समारोह में इस बार राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को विशेष महत्व दिया गया है। कार्यक्रम में पहली बार लालकिले पर इसे औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।

‘वंदे मातरम’ की विरासत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसकी विशेष प्रस्तुति को स्वतंत्रता दिवस समारोह का अहम हिस्सा बनाया गया है। इससे राष्ट्रीय गीत के ऐतिहासिक महत्व और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इसकी भूमिका को भी याद किया जा रहा है।

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‘विकसित भारत @2047’ की थीम भी बनी आकर्षण

इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह की थीम ‘विकसित भारत @2047’ रखी गई है। समारोह स्थल के ज्ञानपथ पर इस थीम को प्रदर्शित करने के लिए विशेष दृश्य अवरोधक लगाए गए हैं।

इन व्यवस्थाओं के जरिए देश के विकास के भविष्य के लक्ष्य और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की परिकल्पना को सामने रखा गया है।

लालकिले पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, तीनों सेनाओं ने दिया जनरल सैल्यूट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किया। लालकिले के प्रांगण में पहुंचने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया।

इसके बाद रक्षा सचिव ने दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल राजेश सेठी का परिचय प्रधानमंत्री से कराया। दिल्ली क्षेत्र के जीओसी प्रधानमंत्री को सलामी मंच तक लेकर गए, जहां तीनों सेनाओं और दिल्ली पुलिस के संयुक्त दल ने प्रधानमंत्री को ‘जनरल सैल्यूट’ दिया।

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया।

ध्वजारोहण के साथ 21 तोपों की सलामी

स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रीय ध्वज फहराने में कैप्टन सोनिया सिंह चौहान सहायता करेंगी। ध्वजारोहण के साथ ही 1721 फील्ड बैटरी सेरेमोनियल के बहादुर गनर्स की ओर से 21 तोपों की सलामी दी जाएगी।

स्वदेशी 105 मिलीमीटर लाइट फील्ड गन से सुसज्जित सेरेमोनियल बैटरी की कमान मेजर पवन सिंह शेखावत संभाल रहे हैं। वहीं गन पोजीशन ऑफिसर की जिम्मेदारी नायब सूबेदार अनुतोष सरकार निभाएंगे, जो गनरी में सहायक प्रशिक्षक की भूमिका में हैं।

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आजादी के जश्न में इतिहास और भविष्य का संगम

लालकिले पर आयोजित इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह में देश के अतीत, वर्तमान और भविष्य को एक साथ जोड़ने की कोशिश दिखाई दी। एक ओर ‘वंदे मातरम’ की 150 साल पुरानी विरासत को याद किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ‘विकसित भारत @2047’ के माध्यम से देश के भविष्य की तस्वीर प्रस्तुत की जा रही है।

2500 कैडेटों द्वारा बनाई गई ‘वंदे मातरम’ की विशाल आकृति, तीनों सेनाओं की भागीदारी और 21 तोपों की सलामी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव से भर दिया। लालकिले की प्राचीर से होने वाली विशेष प्रस्तुति के साथ इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस समारोह ऐतिहासिक क्षणों का गवाह बन रहा है।

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