नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए साल 2026 कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हो रहा है। जून में उन्होंने लगातार सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री का रिकॉर्ड अपने नाम किया और अब 15 अगस्त को लालकिले की प्राचीर से उनका स्वतंत्रता दिवस संबोधन एक बार फिर रिकॉर्ड के केंद्र में रहने वाला है।
80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार 13वीं बार लालकिले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। ऐसे में उनकी नजर कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड पर होगी, जबकि देश और दुनिया की नजरें भी इस ऐतिहासिक समारोह पर टिकी रहेंगी।
लगातार प्रधानमंत्री रहने में नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा
10 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 4,399 दिन प्रधानमंत्री पद पर रहने का रिकॉर्ड बनाया। इसके साथ ही उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के लगातार कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
यह उपलब्धि प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी गई। अब स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लालकिले की प्राचीर से लगातार ध्वजारोहण का उनका रिकॉर्ड और आगे बढ़ने जा रहा है।
लगातार 13वीं बार लालकिले से फहराएंगे तिरंगा
15 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार 12वीं बार लालकिले से तिरंगा फहराया था। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लगातार 11 बार लालकिले से ध्वजारोहण करने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था।
अब 15 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री मोदी लगातार 13वीं बार लालकिले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। हालांकि लगातार ध्वजारोहण के मामले में जवाहरलाल नेहरू 17 बार के आंकड़े के साथ अभी भी सबसे आगे हैं।
इस लिहाज से प्रधानमंत्री मोदी के लिए आने वाले स्वतंत्रता दिवस भी नए रिकॉर्ड की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर होंगे।
क्या टूटेगा 103 मिनट के भाषण का रिकॉर्ड?
स्वतंत्रता दिवस समारोह में सबसे ज्यादा उत्सुकता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को लेकर भी रहेगी। 15 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री ने लालकिले से 103 मिनट का संबोधन दिया था। यह उनका अब तक का सबसे लंबा स्वतंत्रता दिवस भाषण था और भारतीय प्रधानमंत्रियों के लालकिले से दिए गए स्वतंत्रता दिवस संबोधनों में भी यह सबसे लंबा बताया गया।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 2024 में करीब 98 मिनट का भाषण दिया था। ऐसे में इस बार सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि क्या प्रधानमंत्री अपने 103 मिनट के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ेंगे।
अगर 15 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री 103 मिनट से ज्यादा समय तक देश को संबोधित करते हैं, तो वह अपना ही रिकॉर्ड तोड़कर स्वतंत्रता दिवस के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बना सकते हैं।
‘वंदे मातरम’ की 150 साल पुरानी विरासत भी बनेगी इतिहास का हिस्सा
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह को ऐतिहासिक बनाने वाला एक और महत्वपूर्ण पहलू राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ से जुड़ा है। वर्ष 2026 में ‘वंदे मातरम’ की रचना के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
इसी अवसर पर पहली बार लालकिले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम’ का विशेष गायन किया जाएगा। इससे इस वर्ष का समारोह केवल प्रधानमंत्री के संभावित रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय गीत की 150 वर्ष पुरानी विरासत को भी विशेष सम्मान मिलेगा।
गार्ड ऑफ ऑनर से शुरू होगी समारोह की औपचारिक प्रक्रिया
स्वतंत्रता दिवस समारोह की परंपरा के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंटर-सर्विसेज और दिल्ली पुलिस के जवानों की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करने के बाद लालकिले की प्राचीर पर पहुंचेंगे।
इसके बाद वह राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे। समारोह में इस बार युवाशक्ति और ‘विकसित भारत @2047’ की परिकल्पना पर भी विशेष जोर रहने की उम्मीद है।
2026 बनता जा रहा पीएम मोदी के रिकॉर्ड का साल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए 2026 कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का साल बनता नजर आ रहा है। जून में उन्होंने लगातार सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री का रिकॉर्ड अपने नाम किया।
अब अगस्त में लगातार 13वीं बार लालकिले से ध्वजारोहण का अवसर उनके सामने है। इसके साथ ही 103 मिनट के अपने ही भाषण रिकॉर्ड को तोड़ने की संभावना भी स्वतंत्रता दिवस समारोह को खास बना रही है।
लालकिले की प्राचीर एक बार फिर देश के इतिहास में नए अध्याय की गवाह बनने को तैयार है। अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि 15 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कौन-कौन से नए रिकॉर्ड अपने नाम करते हैं।



