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‘सारे मंदिर इसलिए बन रहे हैं ताकि चोरी हो सके’: रेणुका चौधरी का राम मंदिर चढ़ावा मामले पर हमला

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नई दिल्ली। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य रेणुका चौधरी ने राम मंदिर चढ़ावा मामले, वंदे मातरम विवाद और देश की मौजूदा राजनीति को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा को विशेष जांच टीम की ओर से क्लीन चिट दिए जाने पर सवाल उठाए।

रेणुका चौधरी ने आरोप लगाया कि बड़े लोगों को बचाने के लिए छोटे स्तर पर काम करने वाले लोगों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से ही अंदाजा था कि जांच का परिणाम इसी तरह आएगा।

‘छोटों को कुर्बान कर देंगे और चंपत राय को बचा लेंगे’

राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी की जांच और चंपत राय को क्लीन चिट दिए जाने के सवाल पर रेणुका चौधरी ने कहा कि यह पहले से अपेक्षित था कि बड़े लोगों को बचाने के लिए निचले स्तर पर काम करने वालों को कुर्बान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि छोटे लोगों को बलि का बकरा बनाया जाएगा और चंपत राय को बचा लिया जाएगा। रेणुका चौधरी ने इस मामले में जांच की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए।

‘सारे मंदिर इसलिए बनाए जा रहे हैं ताकि चोरी हो सके’

रेणुका चौधरी ने मंदिरों को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “सारे मंदिर अभी इसलिए बनाए जा रहे हैं ताकि चोरी की जा सके।”

उन्होंने आगे कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम की मर्यादा से खिलवाड़ करने वालों को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। उन्होंने इसे भगवान राम के श्राप से जोड़ते हुए केंद्र की राजनीति पर निशाना साधा।

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उनकी यह टिप्पणी राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी की जांच के नतीजे को लेकर सामने आई है।

चंपत राय और अनिल मिश्रा को मिली थी एसआईटी की क्लीन चिट

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम ने मंगलवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दी थी।

मंदिर में दान के प्रबंधन को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद दोनों से जांच के दौरान पूछताछ की गई थी। इसके बाद दोनों ने 27 जून को अपने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।

एसआईटी ने मंदिर में दान के संग्रह और उसके प्रबंधन से जुड़े मामले की जांच की थी। इसी जांच के बाद दोनों को क्लीन चिट दिए जाने की जानकारी सामने आई।

वंदे मातरम विवाद पर भी रेणुका चौधरी का हमला

वंदे मातरम के पूरे गीत को राजनीतिक और हिंदू मुस्लिम विवाद से जोड़कर देखे जाने के सवाल पर भी रेणुका चौधरी ने अपनी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि जिस समय वंदे मातरम को लेकर फैसला लिया गया था, उस समय का माहौल अलग था। उन्होंने मौजूदा समय में इसे लेकर उठाए जा रहे सवालों पर केंद्र सरकार पर तंज कसा।

रेणुका चौधरी ने कहा कि आज सरकार ऐसा किस कारण से कर रही है, यह वही लोग जानें और भगवान जाने। उन्होंने अपने बयान के जरिए मौजूदा राजनीतिक माहौल पर भी कटाक्ष किया।

‘लोकतंत्र जिंदा रहेगा तो कुछ भी हो सकता है’

राजनीतिक दलों के भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर रेणुका चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में भविष्य को लेकर निश्चित तौर पर भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।

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उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति हाथ की लकीर देखने वाला बनकर यह नहीं बता सकता कि आगे क्या होगा। उन्होंने लोकतंत्र की इसी अनिश्चितता को उसकी खासियत बताया और कहा कि जब तक लोकतंत्र जिंदा रहेगा, तब तक कुछ भी हो सकता है।

युवाओं की आवाज बुलंद रहने की बात कही

रेणुका चौधरी ने बातचीत के दौरान युवाओं की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज बुलंद रहनी चाहिए।

उनके मुताबिक लोकतंत्र में जनता और खासकर युवाओं की आवाज महत्वपूर्ण है। उन्होंने राजनीतिक परिस्थितियों में आने वाले बदलावों को लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा बताया।

राम मंदिर चढ़ावा मामले ने फिर खींचा राजनीतिक ध्यान

राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी की क्लीन चिट के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में आ गया है। एक तरफ जांच एजेंसी की कार्रवाई सामने आई है, वहीं विपक्षी नेताओं की ओर से इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

रेणुका चौधरी की टिप्पणी इसी राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा है। फिलहाल मामले में एसआईटी की जांच के निष्कर्ष और कांग्रेस नेता की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोपों को अलग अलग संदर्भ में देखा जा रहा है।

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