लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मेरठ से ताल्लुक रखने वाले भारतीय लेग स्पिनर कर्ण शर्मा ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। कर्ण शर्मा ने शनिवार रात कानपुर सुपरस्टार्स की ओर से यूपीटी-20 लीग का मुकाबला खेलने के बाद अपने संन्यास का ऐलान किया। वह 25 अगस्त को लखनऊ के एकाना क्रिकेट स्टेडियम में मेरठ मावेरिक्स के खिलाफ अपना आखिरी प्रतिस्पर्धी मुकाबला खेलेंगे।
38 साल की उम्र में लिया संन्यास का फैसला
38 वर्षीय कर्ण शर्मा ने अपने क्रिकेट करियर को विराम देने का फैसला किया है। ईएसपीएनक्रिकइंफो के अनुसार, कर्ण ने कहा कि अब वह संन्यास लेना चाहते हैं। उन्होंने अपने लंबे क्रिकेट सफर में साथ देने वाले परिवार, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड, रेलवे, उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन, आंध्र प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन और विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन समेत सभी लोगों का आभार जताया।
कर्ण ने यह भी स्पष्ट किया कि क्रिकेट से पूरी तरह दूरी बनाने के बजाय वह आगे कोचिंग और क्रिकेट से जुड़ी अन्य जिम्मेदारियों के लिए उपलब्ध रहेंगे। यानी खिलाड़ी के तौर पर उनका सफर भले ही समाप्त हो रहा है, लेकिन क्रिकेट से उनका जुड़ाव आगे भी जारी रहने की संभावना है।
कर्ण शर्मा का शानदार रहा घरेलू क्रिकेट करियर
मेरठ में जन्मे कर्ण शर्मा ने घरेलू क्रिकेट में लंबे समय तक अपनी लेग स्पिन का जलवा दिखाया। उन्होंने फर्स्ट क्लास, लिस्ट ए और टी20 क्रिकेट को मिलाकर कुल 411 मुकाबले खेले और 551 विकेट अपने नाम किए।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कर्ण ने 97 मैचों में 270 विकेट हासिल किए। लिस्ट ए क्रिकेट में उन्होंने 123 मुकाबलों में 153 विकेट लिए, जबकि टी20 क्रिकेट के 191 मैचों में उनके नाम 168 विकेट दर्ज हैं। आंकड़े बताते हैं कि घरेलू क्रिकेट में कर्ण शर्मा लगातार प्रभावी गेंदबाज रहे और अलग-अलग परिस्थितियों में टीमों को अपनी गेंदबाजी से मजबूती दी।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी मिला भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका
कर्ण शर्मा ने वर्ष 2014 में भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। उन्होंने भारत की ओर से कुल चार अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। इनमें एक टेस्ट, दो वनडे और एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच शामिल रहा।
टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने चार विकेट हासिल किए, जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनके नाम एक विकेट रहा। इस तरह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कर्ण ने कुल पांच विकेट अपने नाम किए।
हालांकि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर बहुत लंबा नहीं रहा, लेकिन घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर उन्होंने भारतीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई।
आईपीएल में चार बड़ी टीमों का हिस्सा रहे
कर्ण शर्मा का इंडियन प्रीमियर लीग में भी लंबा सफर रहा है। उन्होंने आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद, मुंबई इंडियंस, चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु जैसी टीमों का प्रतिनिधित्व किया।
आईपीएल जैसे बड़े मंच पर खेलने के दौरान कर्ण ने अपनी लेग स्पिन से बल्लेबाजों को परेशान किया और अलग-अलग टीमों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया। घरेलू क्रिकेट के अनुभव और टी20 क्रिकेट की समझ ने उन्हें लीग में लंबे समय तक बनाए रखा।
25 अगस्त को होगा क्रिकेट करियर का आखिरी मुकाबला
कर्ण शर्मा का अंतिम मुकाबला यूपीटी-20 लीग में कानपुर सुपरस्टार्स और मेरठ मावेरिक्स के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला 25 अगस्त को लखनऊ के एकाना क्रिकेट स्टेडियम में होगा।
इस मुकाबले के साथ मेरठ के इस अनुभवी क्रिकेटर के प्रतिस्पर्धी क्रिकेट करियर का औपचारिक रूप से अंत हो जाएगा। इसके बाद कर्ण शर्मा कोचिंग और क्रिकेट से जुड़ी अन्य भूमिकाओं में नई पारी शुरू कर सकते हैं।
उनका करियर भारतीय घरेलू क्रिकेट की उस पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है, जिसने लंबे समय तक लगातार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय टीम और आईपीएल जैसे बड़े मंच तक अपनी जगह बनाई।


