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बाल विवाह, तस्करी और शोषण के खिलाफ मुजफ्फरनगर में बड़ी पहल: 4 हजार परिवारों को मिलेगा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ

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मुजफ्फरनगर। जिले के 200 गांवों में इन दिनों बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा अभियान चल रहा है। ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन’ अभियान के तहत ग्रामीण समाज विकास केंद्र गांव-गांव पहुंचकर बाल विवाह, बाल तस्करी, शोषण और बच्चों के स्कूल छोड़ने जैसी समस्याओं के खिलाफ काम कर रहा है। अभियान में 200 गांवों को ‘सुरक्षित बाल ग्राम’ बनाने की दिशा में गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

बाल विवाह पर ‘ब्रेक’ लगाने की कवायद

संसथा के सचिव मेहर चंद ने बताया कि अभियान के तहत जिले में 800 बाल विवाह रोकने का लक्ष्य रखा गया है। बाल विवाह से जुड़े मामलों की पहचान कर उनकी निगरानी और फॉलोअप किया जा रहा है। इनमें करीब 600 मामलों में लगातार संपर्क और निगरानी के जरिए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

स्कूल से दूर बच्चों को वापस लाने की मुहिम

अभियान में ऐसे 2 हजार बच्चों की पहचान की जा रही है, जो स्कूल छोड़ चुके हैं या पढ़ाई से दूर होने के खतरे में हैं। इन बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा में लाने के साथ कौशल विकास और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का काम भी किया जा रहा है।

गांवों में समितियां संभाल रहीं बच्चों की ‘सुरक्षा की कमान’

200 गांवों में बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों (CWPCs) को सक्रिय किया जा रहा है। इन समितियों के जरिए बच्चों से जुड़ी समस्याओं की पहचान, निगरानी और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों तक मामला पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत की जा रही है।

4 हजार परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की कोशिश

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अभियान के तहत 4 हजार जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने का लक्ष्य है। इसके पीछे मकसद यह है कि आर्थिक परेशानी बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा में बाधा न बने।

मंदिर-मस्जिद से लेकर सोशल मीडिया तक नजर

बाल सुरक्षा का संदेश गांव-गांव पहुंचाने के लिए 400 धार्मिक स्थलों के बाहर जागरूकता संदेश वाले बोर्ड लगाए जा रहे हैं। वहीं 400 से ज्यादा धर्मगुरुओं और धार्मिक नेताओं को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है।

दूसरी ओर, बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर भी फोकस है। ऑनलाइन यौन या मानसिक शोषण से प्रभावित 200 बच्चों की पहचान कर उन्हें काउंसलिंग, कानूनी सहायता और जरूरी सुरक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

100 बाल तस्करी मामलों में चल रहा फॉलोअप

अभियान के तहत बाल तस्करी से प्रभावित 100 मामलों में कानूनी सहायता और फॉलोअप के द्वारा उनको स्किल प्रशिक्षण एवं शिक्षा से जोड़ा जाएगा ।10 बालिकाएं और 90 बालकों को बाल श्रम से मुक्ति दिलाने का लक्ष्य है ।लक्ष्य प्राप्त करने के लिये श्रम विभाग, पुलिस-प्रशासन के साथ समन्वय करके मामलों में आगे की कार्रवाई पर कार्य किया जाएगा ।

मुजफ्फरनगर के गांवों में चल रही इस मुहिम का फोकस साफ है—बाल विवाह पर रोक, बच्चों की पढ़ाई की वापसी, तस्करी और शोषण से सुरक्षा। अब अभियान की असली परीक्षा यही है कि इन प्रयासों का असर गांवों में बच्चों की जिंदगी पर कितना दिखाई देता है।

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