गाजियाबाद। नोएडा एसटीएफ की यूनिट ने अंतरराज्यीय स्तर पर गांजा तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। एसटीएफ ने गाजियाबाद कमिश्नरेट के ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए बिहार के चर्चित रौनक गैंग के सक्रिय सदस्य प्रिंस समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 150 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 37 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।
एसटीएफ के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपी संगठित तरीके से मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल थे। गिरोह के सदस्य बिहार से गांजे की खेप लेकर दिल्ली एनसीआर, मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में इसकी सप्लाई करते थे। तस्करी के लिए दो चार पहिया वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिन्हें एसटीएफ ने अपने कब्जे में ले लिया है।
37.50 लाख रुपये के गांजे की बरामदगी से मचा हड़कंप
एसटीएफ की कार्रवाई में बरामद करीब 150 किलो गांजे की कीमत लगभग 37.50 लाख रुपये आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की बरामदगी को जांच एजेंसियां महत्वपूर्ण सफलता मान रही हैं।
अधिकारियों के अनुसार, गिरोह लंबे समय से अंतरराज्यीय स्तर पर गांजे की तस्करी में सक्रिय हो सकता है। आरोपी अलग अलग राज्यों से गांजे की खेप लाकर उसे दिल्ली एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में पहुंचाते थे।
रौनक गैंग से जुड़े प्रिंस की गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल प्रिंस को बिहार के रौनक गैंग का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। एसटीएफ अब प्रिंस की भूमिका और उसके आपराधिक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
जांच एजेंसी को आशंका है कि तस्करी के इस नेटवर्क में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। ये लोग गांजे की खरीद, परिवहन, भंडारण और अलग अलग इलाकों में सप्लाई की जिम्मेदारी संभालते होंगे।
दो चार पहिया वाहनों से होती थी गांजे की तस्करी
एसटीएफ के मुताबिक आरोपियों द्वारा गांजे की तस्करी के लिए दो चार पहिया वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान दोनों वाहनों को भी कब्जे में ले लिया गया है।
जांच टीम अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन वाहनों का इस्तेमाल पहले कितनी बार मादक पदार्थों की खेप पहुंचाने में किया गया। इसके साथ ही तस्करी के संभावित रास्तों और गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
बिहार से दिल्ली एनसीआर तक फैला नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह बिहार से गांजा हासिल कर उसे दिल्ली एनसीआर, मेरठ और आसपास के इलाकों में सप्लाई करता था। अब एसटीएफ इस बात का पता लगाने में जुटी है कि बिहार में गांजे की खेप आरोपियों को कहां से मिलती थी।
इसके अलावा दिल्ली एनसीआर और मेरठ में गांजा किन लोगों को सप्लाई किया जाता था और इस नेटवर्क में कौन कौन लोग शामिल हैं, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है।
पूछताछ में खुल सकते हैं तस्करी नेटवर्क के राज
पांचों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद एसटीएफ उनसे लगातार पूछताछ कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण नाम सामने आ सकते हैं।
जांच टीम संभावित खरीदारों, सप्लायरों और गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी जुटाने के साथ ही तस्करी के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच किए जाने की संभावना है।
पहले कितनी खेप पहुंचाई, इसकी भी होगी जांच
एसटीएफ गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने इससे पहले कितनी बार गांजे की खेप दिल्ली एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक पहुंचाई।
जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि तस्करी से जुड़े नेटवर्क का संचालन किस स्तर पर किया जाता था और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय थे।
अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी
अधिकारियों के मुताबिक अंतरराज्यीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एसटीएफ की नोएडा यूनिट को इस गिरोह के बारे में सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र में कार्रवाई कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है। एसटीएफ गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ और जांच आगे बढ़ने के साथ तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े और भी अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।


