नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश में लॉटरी शुरू करने की तैयारी को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने से पहले युवाओं और महिलाओं से कई वादे किए थे, लेकिन अब तक उन्हें पूरा नहीं किया गया।
अनुराग ठाकुर ने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश के युवाओं को पांच लाख नौकरियां देने का वादा किया गया था, लेकिन आज प्रदेश का युवा बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने चुनावी वादों का जवाब देना चाहिए।
पांच लाख नौकरियों के वादे पर राहुल गांधी को घेरा
भाजपा सांसद ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने से पहले युवाओं को पांच लाख रोजगार देने का वादा किया गया था। उनका आरोप है कि चार साल बीतने के बावजूद प्रदेश के युवाओं की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को बताना चाहिए कि युवाओं से किया गया रोजगार का वादा कब पूरा होगा। उन्होंने प्रदेश में विकास कार्यों की रफ्तार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य का विकास पूरी तरह थम गया है।
महिलाओं को 1500 रुपये देने के वादे का भी उठाया मुद्दा
अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस सरकार के उस वादे का भी जिक्र किया, जिसमें महिलाओं के खातों में 1500 रुपये भेजने की बात कही गई थी। उन्होंने दावा किया कि सरकार के कार्यकाल के कई वर्ष बीतने के बावजूद महिलाओं के खातों में यह राशि नहीं पहुंची।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को जनता के सामने आकर यह बताना चाहिए कि चुनाव से पहले किए गए वादों को पूरा क्यों नहीं किया गया।
हिमाचल पर 1.10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज का दावा
अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश को करीब एक लाख दस हजार करोड़ रुपये के कर्ज में डुबो दिया है।
भाजपा सांसद ने मौजूदा सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति को लेकर सरकार को जनता के सामने जवाब देना चाहिए। उन्होंने हिमाचल सरकार के मॉडल को राहुल गांधी के मॉडल से जोड़ते हुए इसे जनता द्वारा स्वीकार नहीं किए जाने का दावा किया।
लॉटरी के खिलाफ सड़क पर उतरने की चेतावनी
हिमाचल प्रदेश में लॉटरी शुरू करने की संभावित योजना पर अनुराग ठाकुर ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि भाजपा इस तरह की व्यवस्था के खिलाफ है और जरूरत पड़ी तो इसके विरोध में सड़कों पर उतरेगी।
उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों ने भी राज्य में लॉटरी पर प्रतिबंध लगाया था। अनुराग ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी लॉटरी का विरोध किया था और बाद में इस पर पाबंदी लगाई गई थी।
भाजपा सांसद ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि मौजूदा सरकार हिमाचल प्रदेश में लॉटरी शुरू करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस फैसले के पीछे की वजह जनता के सामने स्पष्ट करनी चाहिए।
‘लॉटरी के जरिए खजाना भरने की कोशिश’
अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश का खजाना खाली कर दिया है और अब लॉटरी के जरिए राजस्व जुटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे हिमाचल की जनता के साथ विश्वासघात करार दिया।
उन्होंने कहा कि भाजपा किसी भी सूरत में ऐसी व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेगी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ने यदि लॉटरी शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाया तो इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
भारतीय अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार का जिक्र करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और विकास से जुड़े कार्यों की गति भी तेज हो रही है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें झूठ बोलना बंद करना चाहिए।
अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी से हिमाचल प्रदेश में युवाओं को पांच लाख नौकरियां देने, महिलाओं को 1500 रुपये देने और चुनाव के दौरान किए गए अन्य वादों को लेकर जवाब देने की मांग की।
गोबर और दूध खरीद के वादे पर भी जवाब मांग
भाजपा सांसद ने कांग्रेस के चुनावी वादों में शामिल दो रुपये किलो गोबर खरीदने और 100 रुपये लीटर दूध खरीदने की बात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि इन वादों पर क्या प्रगति हुई।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि कुल मिलाकर हिमाचल प्रदेश सरकार को जनता के सामने आकर यह स्पष्ट करना होगा कि लॉटरी शुरू करने की जरूरत क्यों महसूस हुई और इसके पीछे सरकार की वास्तविक मंशा क्या है।
युवाओं के भविष्य को लेकर भाजपा ने सरकार को घेरा
अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को अंधकार में धकेलने की कोशिश नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बेरोजगारी और आर्थिक संकट के बीच सरकार नई योजनाओं के बजाय ऐसे कदम उठा रही है, जिनसे जनता के सामने कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
लॉटरी के मुद्दे ने हिमाचल प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि सरकार भाजपा के आरोपों और लॉटरी को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर क्या जवाब देती है।



