नई दिल्ली, 1 सितंबर। दिल्ली-एनसीआर में एक नाबालिग किशोरी के साथ स्लीपर बस में कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना को लेकर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली और उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था गंभीर सवालों के घेरे में है और इस मामले में भी पुलिस की जवाबदेही तय नहीं होने की आशंका है।
राहुल गांधी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घटना का उल्लेख करते हुए दिल्ली-एनसीआर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि किशोरी के साथ ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक करीब 47 किलोमीटर के सफर के दौरान स्लीपर बस में कथित गैंगरेप हुआ और बस कई प्रमुख मार्गों तथा सीमाओं को पार करती रही।
चेकपॉइंट और बसों की निगरानी पर उठाया सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि बस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली की रिंग रोड और सीमा क्षेत्र से होकर गुजरी, लेकिन कथित तौर पर किसी भी चेकपॉइंट पर उसे नहीं रोका गया।
उन्होंने स्लीपर बसों में सीटों के बीच लगे पर्दों का भी उल्लेख किया। राहुल गांधी के अनुसार, इन पर्दों की वजह से बस के भीतर क्या हो रहा है, यह बाहर से दिखाई नहीं देता। उन्होंने सवाल उठाया कि निर्भया कांड के वर्षों बाद भी ऐसी बसों की जांच और निगरानी से जुड़े नियमों का प्रभावी ढंग से पालन क्यों नहीं हो रहा है।
केंद्र और राज्य सरकार से जवाबदेही पर सवाल
राहुल गांधी ने अपने बयान में केंद्र और राज्य सरकारों की जिम्मेदारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि व्यवस्था में सुधार के लिए आखिर और कितनी महिलाओं और लड़कियों को ऐसी घटनाओं का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस की जवाबदेही तय किए जाने को लेकर भी सवाल उठाया। राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाली दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश पुलिस का उल्लेख करते हुए पूछा कि क्या इस मामले में जिम्मेदारी तय होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की घटनाओं की तरह इस मामले में भी प्रशासनिक विफलताओं पर पर्दा डालने की कोशिश हो सकती है।
4 अगस्त को हुई थी घटना
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह घटना 4 अगस्त को दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में एक स्लीपर बस में हुई थी। मामले में पुलिस ने बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया है।
पीड़िता उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की रहने वाली 16 वर्षीय छात्रा बताई जा रही है और वह 11वीं कक्षा में पढ़ती है। मामले में पुलिस की जांच जारी है।
परिजनों से नाराज होकर घर से निकली थी छात्रा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, छात्रा अपने परिजनों से नाराज होकर बिना बताए घर से निकली थी। वह नोएडा में रहने वाले अपने चचेरे भाई के पास जाने के लिए निकली थी।
भारी बारिश और अंधेरे के कारण छात्रा कथित तौर पर रास्ते में ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर उतर गई। इसी दौरान एक खाली स्लीपर बस वहां से गुजरी।
पुलिस के अनुसार, छात्रा ने बस को रुकने का इशारा किया। बस रुकने के बाद ड्राइवर और कंडक्टर ने उसे नोएडा सेक्टर 63 जाने की बात कहकर बस में बैठा लिया।
ड्राइवर और कंडक्टर गिरफ्तार
मामले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया है। पुलिस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
इस मामले को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। राहुल गांधी ने घटना के बहाने दिल्ली और उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था, स्लीपर बसों की निगरानी और पुलिस की जवाबदेही को लेकर सरकार से सवाल किए हैं।
47 किलोमीटर का सफर, स्लीपर बस और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल; किशोरी से कथित गैंगरेप ने फिर खींचा निगरानी तंत्र पर पर्दा
दिल्ली-एनसीआर में किशोरी के साथ कथित गैंगरेप की घटना ने सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। राहुल गांधी ने इसे पुलिस और प्रशासन की निगरानी व्यवस्था से जोड़ते हुए केंद्र और दोनों राज्यों की सरकारों से जवाबदेही तय करने की मांग की है।
वहीं, मामले में बस चालक और परिचालक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच आगे बढ़ रही है। घटना की वास्तविक परिस्थितियों और आरोपों की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होगी।


