नई दिल्ली। अगर आपका पुराना लैपटॉप या डेस्कटॉप समय के साथ स्लो हो गया है और उसमें नए ऐप्स या AI आधारित टूल्स चलाने में परेशानी हो रही है, तो अब तुरंत नया कंप्यूटर खरीदने की जरूरत नहीं पड़ सकती है। रिलायंस जियो ने JioPC को सभी इंटरनेट यूजर्स के लिए उपलब्ध कराने की घोषणा की है। कंपनी का दावा है कि क्लाउड कंप्यूटिंग की मदद से पुराने कंप्यूटर को ज्यादा पावरफुल बनाया जा सकता है।
JioPC के जरिए यूजर्स अपने मौजूदा लैपटॉप या डेस्कटॉप पर 16GB तक RAM और 1TB तक स्टोरेज का एक्सेस हासिल कर सकेंगे। खास बात यह है कि इसके लिए कंप्यूटर में नया हार्डवेयर लगाने या पुराने सिस्टम से डेटा माइग्रेट करने की जरूरत नहीं होगी।
अब सिर्फ Jio इंटरनेट ग्राहकों तक सीमित नहीं रहेगा JioPC
JioPC को अब स्टैंडअलोन सब्सक्रिप्शन के रूप में किसी भी इंटरनेट यूजर के लिए उपलब्ध कराया गया है। इसका मतलब यह है कि यूजर के पास इंटरनेट कनेक्शन किसी भी टेलीकॉम कंपनी या ब्रॉडबैंड सर्विस प्रोवाइडर का हो, वह JioPC का इस्तेमाल कर सकता है।
कंपनी के मुताबिक, सर्विस को पांच मिनट से भी कम समय में एक्टिव किया जा सकता है। पहले JioPC की सुविधा मुख्य रूप से Jio Home Broadband ग्राहकों तक सीमित थी, लेकिन अब इसका दायरा बढ़ाकर सभी इंटरनेट यूजर्स के लिए कर दिया गया है।
पुराने कंप्यूटर को क्लाउड की ताकत से मिलेगा ज्यादा पावर
JioPC की सबसे बड़ी खासियत इसका क्लाउड आधारित सिस्टम है। इसमें कंप्यूटिंग का बड़ा हिस्सा क्लाउड पर किया जाता है। ऐसे में पुराने कंप्यूटर की सीमित हार्डवेयर क्षमता के बावजूद यूजर को ज्यादा RAM, स्टोरेज और कंप्यूटिंग संसाधनों का एक्सेस मिल सकता है।
कंपनी का दावा है कि करीब आठ साल पुराने कंप्यूटर को भी JioPC के जरिए मौजूदा AI-पावर्ड ऐप्स के लिए जरूरी परफॉर्मेंस और क्षमताएं मिल सकती हैं। इसका उद्देश्य उन यूजर्स को राहत देना है, जिनके पास पुराना कंप्यूटर है लेकिन वे नए AI टूल्स और आधुनिक एप्लिकेशन इस्तेमाल करना चाहते हैं।
AI के बढ़ते दौर में पुराने सिस्टम को अपग्रेड करने का विकल्प
आज के दौर में AI आधारित एप्लिकेशन और सॉफ्टवेयर पहले की तुलना में ज्यादा कंप्यूटिंग पावर और स्टोरेज की मांग करते हैं। पुराने लैपटॉप और डेस्कटॉप में कम RAM, सीमित स्टोरेज और कमजोर प्रोसेसर के कारण इनका इस्तेमाल मुश्किल हो सकता है।
JioPC इस समस्या को स्थानीय हार्डवेयर अपग्रेड करने के बजाय क्लाउड कंप्यूटिंग के जरिए हल करने की कोशिश करता है। कंपनी के मुताबिक इससे पुराने कंप्यूटर को AI-ready बनाने में मदद मिल सकती है और यूजर को नया डिवाइस खरीदने पर होने वाला बड़ा खर्च बच सकता है।
₹1,000 से शुरू होंगे JioPC के प्लान
JioPC के सब्सक्रिप्शन प्लान 1,000 रुपये से शुरू किए गए हैं। 8GB RAM और 500GB स्टोरेज वाला दो महीने का प्लान 1,000 रुपये में उपलब्ध होगा। वहीं 16GB RAM और 1TB स्टोरेज वाला JioPC Ultra दो महीने के लिए 1,200 रुपये में मिलेगा।
लंबी अवधि के प्लान में पांच महीने के लिए 8GB RAM और 500GB स्टोरेज वाले प्लान की कीमत 2,000 रुपये रखी गई है, जबकि 16GB RAM और 1TB स्टोरेज वाले JioPC Ultra प्लान की कीमत 2,500 रुपये होगी।
10+2 महीने के प्लान में 12 महीने का एक्सेस
यूजर्स के लिए 10+2 महीने यानी कुल 12 महीने की अवधि वाले प्लान भी उपलब्ध होंगे। 8GB RAM और 500GB स्टोरेज वाले प्लान की कीमत 4,000 रुपये होगी। वहीं 16GB RAM और 1TB स्टोरेज वाले JioPC Ultra के 12 महीने के प्लान के लिए 5,000 रुपये देने होंगे।
कंपनी के मुताबिक, इन सभी कीमतों में GST शामिल है। इससे यूजर्स अपनी जरूरत और इस्तेमाल की अवधि के हिसाब से प्लान का चुनाव कर सकेंगे।
तेज और स्थिर इंटरनेट कनेक्शन जरूरी
चूंकि JioPC क्लाउड पर काम करता है, इसलिए इसके बेहतर इस्तेमाल के लिए अच्छा और स्थिर इंटरनेट कनेक्शन जरूरी होगा। सामान्य ब्रॉडबैंड कनेक्शन के अलावा भरोसेमंद 4G या 5G नेटवर्क के जरिए भी JioPC का इस्तेमाल किया जा सकता है।
क्लाउड आधारित होने के कारण JioPC की परफॉर्मेंस इंटरनेट की स्पीड और स्थिरता पर निर्भर कर सकती है। ऐसे में जिन इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर है, वहां यूजर अनुभव प्रभावित होने की संभावना रह सकती है।
नया कंप्यूटर खरीदने के बजाय क्लाउड का विकल्प
JioPC का यह विस्तार खास तौर पर उन यूजर्स के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, जिनके पास पुराना लैपटॉप या डेस्कटॉप मौजूद है और वे सिर्फ ज्यादा कंप्यूटिंग पावर या स्टोरेज के लिए नया सिस्टम खरीदने से बचना चाहते हैं। कंपनी का फोकस पुराने कंप्यूटर को क्लाउड के जरिए आधुनिक जरूरतों के अनुरूप बनाने पर है।
हालांकि, वास्तविक परफॉर्मेंस यूजर के इंटरनेट कनेक्शन, इस्तेमाल किए जा रहे ऐप्स और पुराने कंप्यूटर की क्षमता जैसे कारकों पर निर्भर करेगी। JioPC का मॉडल हार्डवेयर को भौतिक रूप से अपग्रेड करने के बजाय क्लाउड संसाधनों का इस्तेमाल करके पुराने डिवाइस की उपयोगिता बढ़ाने पर आधारित है।

