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लाओस में हाथियों के इलाज और संरक्षण के लिए वनतारा की नई पहल, मोबाइल वेटरनरी यूनिट से होगा उपचार

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लुआंग प्रबांग। लाओस में बीमार और घायल हाथियों के इलाज तथा उनके संरक्षण के लिए वनतारा ने मांडलाओ एलीफेंट कंजर्वेशन के साथ मिलकर एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य हाथियों को समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके बेहतर संरक्षण और सुरक्षित जीवन को सुनिश्चित करना है।

कार्यक्रम के तहत हाथियों की चिकित्सा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रैपिड रिस्पॉन्स टीम का गठन किया गया है। इसके अलावा वनतारा की ओर से पूरी तरह सुसज्जित मोबाइल वेटरनरी यूनिट उपलब्ध कराई गई है, जो जरूरत पड़ने पर बीमार या घायल हाथियों तक पहुंचकर मौके पर ही उपचार और प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने में मदद करेगी।

गंभीर रूप से बीमार हाथियों के लिए बनेगा विशेष अस्पताल

नई पहल के तहत ऐसे हाथियों के लिए विशेष अस्पताल भी बनाया जाएगा, जिन्हें गंभीर चोट, बीमारी या लंबे समय तक उपचार और निगरानी की जरूरत होती है। अस्पताल में हाथियों के इलाज, रिकवरी और देखभाल के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

इस व्यवस्था से उन हाथियों को भी बेहतर चिकित्सकीय सहायता मिलने की उम्मीद है, जिनका इलाज सामान्य परिस्थितियों में मुश्किल होता है या जिन्हें लगातार निगरानी की आवश्यकता रहती है।

जंगली और पालतू दोनों हाथियों पर रहेगा फोकस

लाओस में हाथियों की संख्या लगातार घट रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक देश में फिलहाल करीब 400 जंगली हाथी और 400 से अधिक पालतू या देखरेख में रहने वाले हाथी हैं। ऐसे में हाथियों के संरक्षण के साथ उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर ध्यान देना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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वनतारा और मांडलाओ एलीफेंट कंजर्वेशन की संयुक्त पहल के तहत जंगली हाथियों के साथ-साथ मानव देखरेख में रहने वाले हाथियों के इलाज और संरक्षण पर भी काम किया जाएगा। इसका मकसद हाथियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ उनकी दीर्घकालिक सुरक्षा को मजबूत करना है।

वर्षों तक लकड़ी ढोने वाली मे खामनॉय को मिला नया जीवन

इसी पहल के दौरान 43 वर्षीय हथिनी मे खामनॉय को भी बचाया गया है। बताया गया है कि मे खामनॉय ने कई वर्षों तक लकड़ी ढुलाई का काम किया और बाद में उसका इस्तेमाल पर्यटकों के लिए किया जाता रहा।

अब उसे मांडलाओ एलीफेंट कंजर्वेशन में सुरक्षित वातावरण और आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई जाएगी। यहां उसकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी के साथ इलाज और देखभाल की जाएगी, ताकि वह अपने जीवन का बाकी हिस्सा अपेक्षाकृत सुरक्षित और बेहतर परिस्थितियों में बिता सके।

हाथियों के संरक्षण की दिशा में अहम कदम

लाओस में हाथियों की घटती संख्या के बीच चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार संरक्षण के प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मोबाइल वेटरनरी यूनिट और रैपिड रिस्पॉन्स टीम के जरिए बीमार या घायल हाथियों तक जल्द पहुंचने में मदद मिलेगी, जबकि प्रस्तावित अस्पताल गंभीर मामलों में लंबे उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने का काम करेगा।

वनतारा और मांडलाओ की यह संयुक्त पहल हाथियों के इलाज के साथ उनके संरक्षण को भी जोड़ती है, जिससे लाओस में जंगली और देखरेख में रहने वाले हाथियों के लिए बेहतर स्वास्थ्य एवं सुरक्षित भविष्य की दिशा में काम किया जा सकेगा।

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