नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने के मामले में गिरफ्तार मकान मालिक के बेटे महेश की पुलिस कस्टडी बुधवार को खत्म हो रही है। पुलिस महेश को बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश करेगी। इससे पहले अदालत ने सोमवार को महेश को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था। पुलिस पूछताछ में इमारत के रखरखाव और मरम्मत से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है।
माता-पिता की ओर से इमारत का रखरखाव देखता था महेश
दिल्ली पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान महेश ने बताया कि वह अपने माता-पिता उर्मिला और हरिराम की ओर से इमारत के रखरखाव का काम देखता था। पुलिस के मुताबिक, अगस्त 2025 में इस इमारत को पीजी संचालक ‘हॉस्टल डेज’ को लीज पर दिया गया था।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इमारत की देखरेख, मरम्मत और उसमें किए जा रहे निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी किस स्तर पर थी और हादसे से पहले वहां किस तरह के बदलाव किए जा रहे थे।
कासगंज से लेबर कॉन्ट्रैक्टर गिरफ्तार
मामले की जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कासगंज से उस लेबर कॉन्ट्रैक्टर को भी गिरफ्तार किया है, जो इमारत के बेसमेंट में चल रहे मरम्मत कार्य की निगरानी कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी कॉन्ट्रैक्टर से शुरुआती पूछताछ में हादसे से पहले इमारत में चल रहे काम के बारे में अहम जानकारी मिली है।
पूछताछ में सामने आया कि जिस दिन इमारत गिरी, उस दिन बेसमेंट के फर्श की मरम्मत का काम चल रहा था। पुलिस के अनुसार, पिछले आठ-दस दिनों से बारिश के कारण बेसमेंट में कचरा जमा हो रहा था, जिसके चलते वहां मरम्मत का काम कराया जा रहा था।
कमर्शियल इस्तेमाल के लिए ग्राउंड फ्लोर में भी हो रहा था काम
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि बेसमेंट के अलावा इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर भी मरम्मत का काम चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, ग्राउंड फ्लोर में जगह को कमर्शियल इस्तेमाल के लिए बढ़ाने के उद्देश्य से काम कराया जा रहा था।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर में किए जा रहे मरम्मत कार्य का इमारत की संरचनात्मक मजबूती पर कोई असर पड़ा था या नहीं।
पांच मंजिला इमारत में चल रहा था लड़कों का पीजी
पुलिस के मुताबिक, सत्य निकेतन की यह पांच मंजिला इमारत लड़कों के पीजी के तौर पर संचालित हो रही थी। रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे इमारत गिरने के समय वहां कई छात्र मौजूद थे। अचानक हुए हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
इस दर्दनाक हादसे में सात लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य चलाया गया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। अब पुलिस इमारत गिरने की परिस्थितियों के साथ-साथ वहां चल रहे मरम्मत और निर्माण कार्यों को भी जांच के दायरे में रख रही है।
उर्मिला और हरिराम 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
मामले में गिरफ्तार उर्मिला और हरिराम को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया था, जहां दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं, महेश की दो दिन की पुलिस कस्टडी बुधवार को समाप्त हो रही है और उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पुलिस अब आरोपियों से हुई पूछताछ और सामने आई जानकारी के आधार पर हादसे के कारणों और जिम्मेदारियों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
हादसे के बाद बगल की जर्जर इमारत गिराने का आदेश
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने दुर्घटनास्थल के पास स्थित एक अन्य जर्जर इमारत को भी गिराने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से मंगलवार को ‘एक्स’ पर जारी जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर दिल्ली नगर निगम को जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दुर्घटनास्थल के पास बने असुरक्षित ढांचे को गिराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य आसपास मौजूद अन्य असुरक्षित ढांचों से किसी संभावित खतरे को रोकना बताया गया है। वहीं, सत्य निकेतन इमारत हादसे की पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि इमारत गिरने के पीछे किन परिस्थितियों और लापरवाहियों की भूमिका रही।

