मुज़फ़्फ़रनगर। विगत दिनों सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में आयोजित स्वाभिमान रैली के दौरान पाल समाज के नेतृत्व को लेकर पूर्व सांसद मलूक नागर की कथित टिप्पणी के विरोध में पाल समाज ने मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार दोपहर करीब एक बजे अखिल विश्व क्षत्रिय पाल महासभा ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन DM के माध्यम से भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, मलूक नागर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और उनसे सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की है। महासभा ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो समाज आंदोलन करेगा और आगामी चुनाव में भी विरोध की रणनीति तय की जाएगी।
महासभा की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि 3 सितंबर को सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में राष्ट्रीय लोकदल की स्वाभिमान रैली आयोजित की गई थी। आरोप है कि इसी रैली के दौरान पूर्व सांसद मलूक नागर ने पाल समाज के नेता और प्रदेश की राजनीति में सक्रिय श्यामलाल पाल के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणी की। समाज के लोगों का कहना है कि इसकी जानकारी मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से सामने आने के बाद पाल समाज के विभिन्न वर्गों में नाराजगी है।
ज्ञापन में महासभा ने पूरे मामले की निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच कराने की मांग की है। इसके लिए रैली की वीडियो-ऑडियो रिकॉर्डिंग, मीडिया रिपोर्टों और उपलब्ध अन्य सामग्री की जांच कर कथित टिप्पणी के वास्तविक स्वरूप और उसके संदर्भ को स्पष्ट करने की मांग की गई है। महासभा का कहना है कि जांच में यदि कानून का उल्लंघन सामने आता है तो मलूक नागर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही समाज की भावनाएं आहत होने का हवाला देते हुए सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की गई है।
पाल समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी समाज अथवा उसके सम्मानित नेतृत्व के प्रति कथित तौर पर की गई अमर्यादित टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज अपने सम्मान और स्वाभिमान के मुद्दे पर एकजुट है और यदि मलूक नागर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते तथा प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
इस मामले को लेकर पाल समाज की ओर से अहिल्याबाई चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकालने की भी तैयारी की गई थी। समाज के लोगों का दावा है कि एलआईयू की सक्रियता के कारण बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। इसके बाद सिविल लाइन पुलिस ने पैदल मार्च की अनुमति नहीं दी और प्रतिनिधिमंडल को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन देने की अनुमति दी गई।
समाज के लोगों ने यह भी दावा किया कि समाजवादी पार्टी शिक्षक सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्येंद्र पाल को कार्यक्रम में शामिल होना था, लेकिन पिछले चार दिनों से पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर रखा है। इसके चलते वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। इस दावे को लेकर भी पाल समाज के प्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई और प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
इस दौरान अखिल विश्व क्षत्रिय पाल महासभा के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार पाल, एडवोकेट किरण पाल, प्रवीण पाल, रविंदर पाल, आदेश कुमार, एडवोकेट राकेश कुमार, देशपाल, भूषण लाल सहित करीब दो दर्जन लोग मौजूद रहे।

