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अमेठी के संजय गांधी अस्पताल में मरीज की मौत के बाद बवाल, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप, जांच के आदेश

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अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में स्थित संजय गांधी अस्पताल एक बार फिर विवादों में आ गया। मुंशीगंज कोतवाली क्षेत्र में स्थित अस्पताल में भर्ती एक 60 वर्षीय बुजुर्ग मरीज की मौत के बाद रविवार देर रात परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया, तोड़फोड़ की और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामे के कारण कुछ समय के लिए अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित रहीं, जिससे अन्य मरीजों और उनके परिजनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मृतक की पहचान संग्रामपुर थाना क्षेत्र के रामगढ़ गांव निवासी चंद्रभान सिंह के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने समय पर उचित उपचार और आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराईं, जिसके चलते मरीज की जान चली गई। उनका कहना है कि यदि समय रहते बेहतर इलाज मिलता तो बुजुर्ग की जान बचाई जा सकती थी।

अस्पताल परिसर में धरना, नारेबाजी और तोड़फोड़

मरीज की मौत से नाराज परिजन और ग्रामीण अस्पताल के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने कांग्रेस नेताओं किशोरी लाल शर्मा, राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ भी नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

संजय गांधी अस्पताल गांधी परिवार द्वारा स्थापित संस्थान है और सोनिया गांधी तथा राहुल गांधी इसके ट्रस्टी बताए जाते हैं। अस्पताल पूर्व में भी विभिन्न कारणों से विवादों में रहा है, जिसके चलते इस घटना ने एक बार फिर अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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तीन थानों की पुलिस पहुंची, हालात किए काबू

घटना की सूचना मिलते ही मुंशीगंज, गौरीगंज और संग्रामपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए अस्पताल परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

पुलिस की मौजूदगी में स्थिति सामान्य हुई, जिसके बाद अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं दोबारा सुचारु रूप से शुरू कराई गईं।

सीएमओ ने गठित की जांच समिति

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय चिकित्सकों की टीम गठित कर दी है। समिति को अस्पताल में मरीज के इलाज, उपलब्ध कराई गई चिकित्सीय सुविधाओं और मौत के कारणों की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

मुंशीगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।


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