मुज़फ़्फ़रनगर। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और राष्ट्रीय लोकदल नेता अनिल कुमार ने शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे प्रेस वार्ता कर आगामी 20 सितंबर को होने वाले “सामाजिक समरसता सम्मेलन” की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रालोद के स्थापना दिवस के अवसर पर 20 सितंबर, रविवार को सुबह 11 बजे पचेंडा रोड स्थित “द प्लैटिनम बैंक्वेट हॉल” के ग्राउंड परिसर में विशाल सामाजिक समरसता सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री अनिल कुमार ने हाल में चर्चा में रहे ‘G4 गन्ना’ और ‘J4 जनता/जाट’ विवाद पर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि “G4 गन्ना और J4 जनता होता है।” मंत्री ने कहा कि रालोद किसी एक जाति या बिरादरी की पार्टी नहीं है, बल्कि किसान, युवा, दलित, पिछड़े, अगड़े और अल्पसंख्यकों समेत सर्वसमाज का प्रतिनिधित्व करता है।
अनिल कुमार ने समाजवादी पार्टी पर जाति और बिरादरी की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रालोद की राजनीति सर्वसमाज को साथ लेकर चलने की है। G4-J4 विवाद को लेकर दिए गए बयान को उन्होंने इसी राजनीतिक संदर्भ से जोड़ते हुए रालोद की सामाजिक समरसता की राजनीति पर जोर दिया।
प्रेस वार्ता में जिले के छपार और रामलीला टिल्ला प्रकरण को लेकर भी मंत्री से सवाल किए गए। अनिल कुमार ने कहा कि वह खुद मौके पर गए थे। उनके मुताबिक इन मामलों में शासन और प्रशासन ने त्वरित एवं कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि सरकार महिला सुरक्षा और सम्मान को लेकर पूरी तरह गंभीर है और ऐसे मामलों में कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
वहीं, 2013 के मुज़फ़्फ़रनगर दंगों से जुड़े विवादित पोस्टरों को लेकर पूछे गए सवाल पर अनिल कुमार ने कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में हुआ दंगा बेहद दुखद था। उन्होंने ऐसे पोस्टर लगाए जाने को अनुचित बताया। मंत्री के मुताबिक प्रशासन ने पोस्टर हटवा दिए हैं और मामले की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अनिल कुमार ने कहा कि सामाजिक समरसता सम्मेलन के जरिए समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी की मौजूदगी को लेकर रालोद कार्यकर्ताओं में भी तैयारियां शुरू हो गई हैं।

