Home » विविध इंडिया » जंतर-मंतर प्रदर्शन: अरविंद केजरीवाल ने डीसीपी को लिखा पत्र, मांगी FIR और हिरासत में लिए लोगों की डिटेल

जंतर-मंतर प्रदर्शन: अरविंद केजरीवाल ने डीसीपी को लिखा पत्र, मांगी FIR और हिरासत में लिए लोगों की डिटेल

Facebook
Twitter
WhatsApp

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली पुलिस से मामले में पारदर्शिता बरतने की मांग की है। उन्होंने डीसीपी सचिन शर्मा को पत्र लिखकर प्रदर्शन के संबंध में दर्ज सभी एफआईआर और हिरासत में लिए गए लोगों की सूची सार्वजनिक करने का अनुरोध किया है।

केजरीवाल ने पत्र में क्या कहा?

अपने पत्र में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की गई हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ लोगों को बिना एफआईआर दर्ज किए हिरासत में रखा गया है।

उन्होंने डीसीपी से अनुरोध किया कि सभी दर्ज एफआईआर और हिरासत में लिए गए लोगों की सूची तत्काल सार्वजनिक की जाए, ताकि संबंधित लोगों को समय पर कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

दिल्ली पुलिस ने दर्ज की हैं पांच एफआईआर

दिल्ली पुलिस के अनुसार, सोमवार को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान कथित पथराव, हिंसा और अवैध जमावड़े की घटनाओं के संबंध में अब तक पांच एफआईआर दर्ज की गई हैं।

पुलिस का कहना है कि ये मामले हिंसा, पथराव और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों से जुड़े हैं। इसके अलावा कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया था।

हिंसा की साजिश के पहलू की भी जांच

दिल्ली पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी या नहीं। जांच के तहत विभिन्न स्थानों से मिले वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।

ALSO READ THIS :  ‘विक्रम-1’ की सफलता पर पीएम मोदी ने स्काईरूट टीम को दी बधाई, बोले- आत्मनिर्भर भारत की ताकत का सबूत सामने है

पुलिस का कहना है कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पारदर्शिता की मांग पर जोर

अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में कहा कि पूरे मामले में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है। उनका कहना है कि एफआईआर और हिरासत में लिए गए लोगों की जानकारी सार्वजनिक होने से संबंधित व्यक्तियों को समय पर कानूनी सहायता प्राप्त करने में सुविधा होगी।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।


टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें