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बागेश्वर धाम के बयान पर अयोध्या में संतों का पलटवार, परमहंस आचार्य बोले- सनातनियों को सजग होने का समय

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अयोध्या। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी की ओर से बाबा बागेश्वर यानी धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर दिए गए बयान पर अयोध्या के संतों की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य, साकेत भवन के महंत सीताराम दास और राम कचहरी चार धाम मंदिर के महंत शशिकांत दास ने अपने-अपने बयानों में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कथन का समर्थन किया और सनातन समाज को एकजुट रहने की बात कही।

संतों की प्रतिक्रिया ऐसे समय सामने आई है, जब धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को लेकर दिए जा रहे बयानों के बीच राजनीतिक और सामाजिक बहस भी तेज है।

परमहंस आचार्य बोले- भारत श्रीराम और सनातन का देश

तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के उस कथन का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कोलकाता में कथा के दौरान भारत को अकबर का नहीं बल्कि रघुवर और श्रीराम का देश बताया था।

परमहंस आचार्य ने कहा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा था कि भारत श्रीराम और सनातनियों का देश है। उन्होंने कहा कि देश में कुरान और बाइबिल का सम्मान मानवता के आधार पर किया जाता है, लेकिन भारतीय संस्कृति को समाप्त कर किसी अन्य धर्म का वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती।

‘सनातनियों के लिए सजग होने का वक्त’

मौलाना साजिद रशीदी के बयान का जिक्र करते हुए परमहंस आचार्य ने कहा कि उनके कथित बयान को सनातनियों के लिए चेतावनी के तौर पर देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सनातन समाज को सजग होकर अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान की रक्षा के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातनियों को एकजुट होकर अपने हितों की रक्षा के लिए रणनीति तैयार करने की आवश्यकता है।

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परमहंस आचार्य ने कहा, “यह सनातनियों के लिए चेतावनी है, समय है कि सनातनियों को सजग हो जाना चाहिए और उसके लिए रणनीति तैयार करना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि सनातन समाज उदार है और सभी के हित की बात करता है, लेकिन अपनी पहचान और अस्तित्व को चुनौती देने वाली किसी भी स्थिति को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सीताराम दास बोले- ‘धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सही कहा’

साकेत भवन के महंत सीताराम दास ने भी धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बाबा बागेश्वर की ओर से कही गई बातें सही हैं और उनका उद्देश्य लोगों को जोड़ना है।

सीताराम दास ने कहा कि भारत को रघुवर का देश बताते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कोई गलत बात नहीं कही है। उन्होंने दावा किया कि हिंदू समाज अब संगठित हो रहा है और बड़ी संख्या में लोग एकजुट होकर अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को लेकर जागरूक हो रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कथा के माध्यम से लोगों को जोड़ने की बात करते हैं।

शशिकांत दास बोले- ‘उन्होंने कोई नई बात नहीं कही’

राम कचहरी चार धाम मंदिर के महंत शशिकांत दास ने भी बाबा बागेश्वर के बयान को उचित ठहराया। उन्होंने कहा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जो बात कही है, वह सत्य है और उसमें कोई नई बात नहीं कही गई है।

शशिकांत दास ने कहा कि भारत सनातन और सनातनियों की भूमि है तथा अलग-अलग युगों में यहां धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं मजबूत रही हैं।

उन्होंने कहा कि इतिहास में मुगलों का शासन रहा, लेकिन उनके अनुसार भारतीय सनातन परंपरा और गौरव को समाप्त नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि देश आज भी अपने सनातन गौरव के साथ खड़ा है।

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धार्मिक बयानों को लेकर बढ़ी चर्चा

मौलाना साजिद रशीदी के बयान और उसके जवाब में अयोध्या के संतों की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। दोनों पक्षों की ओर से धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को लेकर अलग-अलग दावे और प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

अयोध्या में संतों ने अपने बयानों में सनातन समाज की एकजुटता पर जोर दिया। वहीं, विवादित और संवेदनशील धार्मिक मुद्दों पर सार्वजनिक बयानों के कारण राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज होने की संभावना भी बनी हुई है।

संतों ने अपने वक्तव्यों में सनातन समाज को अपनी परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। साथ ही, उन्होंने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कथन को सनातन समाज की भावनाओं से जोड़कर उसका समर्थन किया।

 

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