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बागपत में बाल श्रम के खिलाफ बड़ा अभियान, छह किशोर श्रमिक कराए गए मुक्त, दुकानदारों को दी सख्त हिदायत

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बागपत। जनपद में बाल एवं किशोर श्रम के खिलाफ प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारी बागपत के निर्देशन और सहायक श्रम आयुक्त एम.एल. पाल के मार्गदर्शन में मंगलवार को संयुक्त टीम ने बागपत बाजार और आसपास के क्षेत्र में विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। अभियान के दौरान छह किशोर श्रमिकों को कार्य से मुक्त कराया गया। सभी के मामले में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की गई।

किराना, हलवाई और इलेक्ट्रिक दुकानों पर पहुंची संयुक्त टीम

संयुक्त अभियान के दौरान वंदना चौक और बागपत बाजार स्थित विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। टीम ने किराना स्टोर, हलवाई की दुकानों और इलेक्ट्रिक की दुकानों समेत अन्य प्रतिष्ठानों में श्रमिकों के संबंध में जानकारी जुटाई।

निरीक्षण के दौरान छह किशोर श्रमिक कार्य करते हुए पाए गए। टीम ने उन्हें तत्काल कार्य से मुक्त कराया और संबंधित मामलों में नियमानुसार आगे की कार्रवाई शुरू की।

बाल श्रम के खिलाफ कार्रवाई से दुकानदारों में मचा हड़कंप

अभियान के दौरान प्रतिष्ठान संचालकों को बाल एवं किशोर श्रम से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में बाल एवं किशोर श्रमिकों को काम पर न लगाया जाए।

टीम ने दुकानदारों को चेतावनी दी कि भविष्य में यदि किसी प्रतिष्ठान पर बाल या किशोर श्रमिक नियोजित पाए जाते हैं तो संबंधित के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

श्रम विभाग के साथ एएचटीयू और सामाजिक संगठन भी रहे शामिल

संयुक्त अभियान में श्रम विभाग के श्रम प्रवर्तन अधिकारियों के साथ थाना एएचटीयू की टीम ने भी सहभागिता की। इसके अलावा ग्रामीण समाज विकास केंद्र और Just Rights for Children की ओर से गजेंद्र सिंह तथा अमित कुमार भी अभियान में शामिल रहे।

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विभिन्न विभागों और सामाजिक संगठनों की संयुक्त मौजूदगी में प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और बाल श्रम की स्थिति की जानकारी जुटाई गई।

बच्चों को मजदूरी से निकालकर शिक्षा से जोड़ने पर जोर

अभियान का उद्देश्य केवल बाल श्रमिकों को काम से मुक्त कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा और संरक्षण का अधिकार दिलाना भी है। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की जगह स्कूल में होनी चाहिए और उन्हें कम उम्र में मजदूरी के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।

अभियान के दौरान बाल एवं किशोर श्रम से संबंधित कानूनी प्रावधानों के बारे में प्रतिष्ठान संचालकों को जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना समाज और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है।

आगे भी जारी रहेगा बाल श्रम के खिलाफ अभियान

प्रशासन की ओर से चलाए गए इस अभियान के बाद स्पष्ट संकेत है कि जनपद में बाल एवं किशोर श्रम के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अधिकारियों का उद्देश्य ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान करना है, जहां नियमों का उल्लंघन कर बच्चों या किशोरों से श्रम कराया जा रहा है।

छह किशोर श्रमिकों को कार्य से मुक्त कराने की कार्रवाई के साथ प्रशासन ने प्रतिष्ठान संचालकों को भी स्पष्ट संदेश दिया है कि बाल एवं किशोर श्रम को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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