बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में करीब तीन सप्ताह से लापता दो दोस्तों के शव बुधवार देर रात लहचौड़ा स्थित गणेश मंदिर परिसर में जमीन के अंदर दबे मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने गुरुवार तड़के करीब तीन बजे खुदाई कर दोनों शव बरामद किए। शवों की पहचान सिंगोली तगा गांव निवासी इसरार पुत्र रिड्डू और दिव्यांग अंकित पुत्र मुकेश के रूप में हुई है।

दोनों युवक 25 जुलाई को बाइक से घूमने के लिए घर से निकले थे, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटे। परिजनों ने काफी तलाश के बाद 29 जुलाई को दोनों की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस तभी से दोनों युवकों की तलाश में जुटी थी।
बाइक से निकले थे दोनों दोस्त, फिर नहीं लौटे घर
पुलिस के अनुसार इसरार और अंकित आपस में दोस्त थे। दोनों 25 जुलाई को बाइक से घूमने के लिए निकले थे। देर शाम तक जब दोनों घर वापस नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की।
रिश्तेदारों और परिचितों के यहां जानकारी करने के साथ ही संभावित स्थानों पर दोनों को खोजा गया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 29 जुलाई को पुलिस में दोनों की गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने दोनों युवकों के संबंध में जानकारी जुटानी शुरू की और उनके संभावित ठिकानों तथा संपर्क में रहने वाले लोगों से पूछताछ की।
मुखबिर की सूचना के बाद मंदिर परिसर पर पहुंची पुलिस
पुलिस की जांच के दौरान मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली। इसके आधार पर पुलिस ने लहचौड़ा स्थित गणेश मंदिर परिसर को जांच के दायरे में लिया।
पुलिस ने मंदिर के महंत नरेश नाथ से पूछताछ करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस के अनुसार वह फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने महंत के दो शिष्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
शिष्यों की निशानदेही पर हुई खुदाई
पुलिस के अनुसार हिरासत में लिए गए दोनों लोगों से पूछताछ के बाद मिली जानकारी के आधार पर गणेश मंदिर परिसर में खुदाई कराई गई। बुधवार देर रात से शुरू हुई कार्रवाई के दौरान गुरुवार तड़के करीब तीन बजे जमीन के अंदर दबे दोनों युवकों के शव बरामद किए गए।
शव बरामद होते ही मौके पर हड़कंप मच गया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का राज
पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों युवकों की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस हत्या समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
शवों की स्थिति और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों युवकों की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई तथा उनके शवों को मंदिर परिसर में किसने और क्यों दबाया।
फरार महंत की तलाश में जुटी पुलिस
मामले में गणेश मंदिर के महंत नरेश नाथ का नाम जांच के दौरान सामने आया है। पुलिस के अनुसार पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बाद महंत फरार है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पुलिस हिरासत में लिए गए दोनों शिष्यों से भी लगातार पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट की जाएगी।
सीसीटीवी और मोबाइल डेटा खंगाल रही पुलिस
घटना की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके साथ ही दोनों युवकों के मोबाइल फोन और संपर्कों से संबंधित डेटा की भी जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि 25 जुलाई को घर से निकलने के बाद दोनों युवक किन स्थानों पर गए थे और किन लोगों के संपर्क में थे। मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल से भी जांच को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
सीओ बोले, जांच के बाद सामने आएगी घटना की असली वजह
सीओ खेकड़ा रोहन चौरसिया ने बताया कि दोनों युवकों की गुमशुदगी के बाद पुलिस लगातार उनकी तलाश और मामले की जांच कर रही थी। मुखबिर से मिली सूचना और पूछताछ के बाद लापता युवकों के शव बरामद किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारी के अनुसार जांच पूरी होने और पूछताछ के बाद ही घटना की वास्तविक वजह और पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा।
परिवार में मचा कोहराम
करीब तीन सप्ताह से दोनों युवकों की तलाश में जुटे परिजनों को जब उनके शव मिलने की जानकारी हुई तो परिवारों में कोहराम मच गया। परिजन इस बात को लेकर सकते में हैं कि दोनों दोस्तों के साथ आखिर क्या हुआ और उनके शव मंदिर परिसर में जमीन के अंदर क्यों दबाए गए।
पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।



