नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की भारत में होने वाली मेजबानी को देश के लिए गौरव का विषय बताया है। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में ब्रिक्स आज एक बेहद महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच बन चुका है, जहां दुनिया की लगभग आधी आबादी और करीब 40 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी वाले देशों का प्रतिनिधित्व है।
युद्ध और संघर्ष के दौर में ब्रिक्स की भूमिका अहम
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि शनिवार से भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शुरू होने जा रहा है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और संघर्ष जारी हैं, ऐसे समय में ब्रिक्स जैसे महत्वपूर्ण देशों के वैश्विक मंच की भूमिका और भी बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण समय में भारत को इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मिलना प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व की बात है।
12 साल पहले भारत की भूमिका पर उठते थे सवाल
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि भारत की वर्तमान स्थिति को समझने के लिए 2014 से पहले की परिस्थितियों को भी याद करना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2012-13 के दौरान ब्रिक्स में भारत की भूमिका को लेकर कई तरह की नकारात्मक टिप्पणियां की जाती थीं।
भाजपा प्रवक्ता के मुताबिक, उस समय कुछ समाचार रिपोर्टों में भारत को ब्रिक्स की ‘सबसे कमजोर कड़ी’ बताया जाता था, जबकि कुछ जगहों पर यह तक कहा जाता था कि संगठन में भारत का महत्व लगभग खत्म हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि महंगाई और कम विकास दर का हवाला देते हुए भारत को ब्रिक्स से बाहर किए जाने जैसी बातें भी सामने आती थीं।
‘कमजोर कड़ी’ से ‘महत्वपूर्ण कड़ी’ तक पहुंचा भारत
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि पिछले करीब 12 वर्षों में भारत की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उनके अनुसार, आज भारत ब्रिक्स में एक महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर उभरा है और सदस्य देशों के बीच बेहतर समन्वय के साथ अपनी भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि करीब 12 वर्ष पहले ब्रिक्स में भारत के लिए ‘महत्वहीन’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन अब भारत इस मंच की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सामने आया है।
आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की उम्मीद
भाजपा नेता ने उम्मीद जताई कि भारत में आयोजित होने वाला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में देश के लिए लाभकारी साबित होगा। उन्होंने कहा कि आर्थिक क्षेत्र के साथ-साथ ऊर्जा, पर्यावरण और स्वास्थ्य समेत अनेक क्षेत्रों में सदस्य देशों के साथ सहयोग और समन्वय को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के साथ सकारात्मक और प्रभावी तरीके से जुड़ते हुए ‘विश्व मित्र’ की भूमिका में आगे बढ़ता दिखाई देगा।
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका का संदेश
सुधांशु त्रिवेदी के बयान में ब्रिक्स की मेजबानी को भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका से जोड़कर देखा गया। उन्होंने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में भारत के लिए यह अवसर न केवल कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आर्थिक, ऊर्जा, पर्यावरण और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भी अहम साबित हो सकता है।

