गोंडा। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज की गोरक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा को लेकर पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि गौ-रक्षा के लिए आंदोलन करना अच्छी पहल है, लेकिन इसके साथ पशुपालकों को दूध का उचित मूल्य दिलाने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जानी चाहिए।
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि जब तक गौ-पालकों और पशुपालकों को उनकी मेहनत का सही मूल्य नहीं मिलेगा, तब तक गौ-पालन को बढ़ावा देना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गौ-पालन कई लोगों के लिए आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण बन गया है।
बढ़ती लागत से परेशान हैं पशुपालक
पूर्व सांसद ने कहा कि पशुपालकों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों की कमी, पशुओं के चारे की बढ़ती कीमत और देखभाल का खर्च लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में भूसे की कीमत करीब 1,200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है, जो सर्दियों में बढ़कर 1,600 से 1,800 रुपये प्रति क्विंटल तक जा सकती है। इसके अलावा पशु आहार की कीमत भी काफी अधिक है।
उन्होंने कहा कि एक गाय को रोजाना कई किलो दाना देना पड़ता है और पशु आहार करीब 35 रुपये प्रति किलो की दर से मिल रहा है, जबकि दूध की बिक्री 35 से 40 रुपये प्रति लीटर के आसपास हो रही है। ऐसे में पशुपालकों को आर्थिक लाभ नहीं मिल पा रहा है।
नकली डेयरी उत्पादों पर रोक की मांग
बृजभूषण शरण सिंह ने बाजार में नकली दूध और उससे बने उत्पादों की बिक्री पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नकली घी, पनीर, खोवा, दही और मिल्क पाउडर जैसे उत्पादों के कारण असली दूध उत्पादकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जब तक नकली डेयरी उत्पादों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक असली दूध को उसका उचित मूल्य मिलना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि दूध का सही मूल्य तय किया जाना चाहिए, ताकि पशुपालकों को राहत मिल सके।
भारतीय कुश्ती की उपलब्धियों पर जताई खुशी
बातचीत के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने बुडापेस्ट रेसलिंग चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि पहले विश्व कुश्ती में भारत की स्थिति कमजोर मानी जाती थी, लेकिन अब भारत दुनिया की शीर्ष टीमों में शामिल हो चुका है।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय पहलवानों का पदक जीतना अब सामान्य बात बनती जा रही है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में कुश्ती में कुछ बाधाएं आईं, लेकिन अब खेल फिर से बेहतर दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय पहलवान आने वाले समय में और बेहतर प्रदर्शन करेंगे और अगले ओलंपिक में देश के लिए अधिक पदक जीतने में सफल होंगे।



