Home » उत्तराखंड » चमोली में भारी बारिश का कहर, पागल नाला के पास भूस्खलन से बद्रीनाथ हाईवे बंद, कई वाहन फंसे

चमोली में भारी बारिश का कहर, पागल नाला के पास भूस्खलन से बद्रीनाथ हाईवे बंद, कई वाहन फंसे

Facebook
Twitter
WhatsApp

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-7) एक बार फिर भूस्खलन की चपेट में आ गया। पागल नाला के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर गिरने से राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया। इसके चलते बद्रीनाथ धाम की ओर जा रहे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई वाहन मार्ग पर ही फंस गए हैं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।

रातभर हुई तेज बारिश के बाद पहाड़ी से अचानक मलबा और बोल्डर गिरने लगे, जिसके बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मार्ग पर आवाजाही रोक दी। लगभग 373 किलोमीटर लंबा यह राष्ट्रीय राजमार्ग ऋषिकेश, जोशीमठ, बद्रीनाथ धाम और माणा पास को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। मानसून के दौरान इस मार्ग पर भूस्खलन की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं।

बीआरओ की टीमें युद्ध स्तर पर हटा रही हैं मलबा

सड़क बंद होने की सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद से सड़क पर जमा मलबा हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होगा, यातायात बहाल कर दिया जाएगा।

प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी गई है।

श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए जारी की गई एडवाइजरी

जिला प्रशासन ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से अपील की है कि मौसम सामान्य होने और सड़क सुरक्षित घोषित होने तक बद्रीनाथ यात्रा पर निकलने से बचें। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

ALSO READ THIS :  उत्तराखंड में बारिश का कहर, 142 सड़कें प्रभावित; कई जिलों में येलो अलर्ट, भूस्खलन की चेतावनी

वाहन चालकों से भी कहा गया है कि वे अपने वाहन सुरक्षित स्थानों पर खड़े करें और प्रशासन तथा पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों ने अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

मानसून में हर साल बढ़ती है चुनौती

बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मानसून के दौरान भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं हर वर्ष सामने आती हैं। लगातार बारिश के कारण पहाड़ियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे सड़क पर बोल्डर और मलबा गिरने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे समय में बीआरओ की टीमें लगातार मार्ग को सुचारु बनाए रखने के लिए दिन-रात राहत और सफाई कार्य में जुटी रहती हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हालात पूरी तरह सामान्य होने के बाद ही बद्रीनाथ हाईवे पर यातायात दोबारा शुरू किया जाएगा।

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें