Home » विविध इंडिया » जम्मू-कश्मीर में मौसम का कहर: अमरनाथ के बाद अब माता वैष्णो देवी की यात्रा भी रोकी गई, अलर्ट जारी

जम्मू-कश्मीर में मौसम का कहर: अमरनाथ के बाद अब माता वैष्णो देवी की यात्रा भी रोकी गई, अलर्ट जारी

Facebook
Twitter
WhatsApp

नई दिल्ली/कटरा। जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश और खराब मौसम के कारण श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी और पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते जोखिम को ध्यान में रखते हुए 19 जुलाई से यात्रा रोकने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले खराब मौसम के कारण अमरनाथ यात्रा भी प्रभावित हुई थी।

श्राइन बोर्ड के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है, जिससे भूस्खलन और मार्ग अवरुद्ध होने की आशंका बढ़ गई है। प्रशासन का कहना है कि मौसम सामान्य होने और रास्तों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।

भूस्खलन से प्रभावित हुआ था यात्रा मार्ग

गौरतलब है कि 8 जुलाई को रियासी जिले के कटरा स्थित त्रिकुटा पहाड़ियों में भारी बारिश के कारण वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन हुआ था। हिमकोटी के पास नए मार्ग पर मलबा आने से बैटरी कार सेवा को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था। हालांकि उस समय पैदल यात्रा जारी रही और श्रद्धालुओं का आवागमन प्रभावित नहीं हुआ था।

अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन की सूचना मिलते ही श्राइन बोर्ड ने मशीनों और कर्मचारियों की मदद से मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया था। प्रशासन लगातार मार्गों की निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

देश के प्रमुख शक्ति पीठों में शामिल है वैष्णो देवी धाम

त्रिकुटा पर्वत श्रृंखला में लगभग 5,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित माता वैष्णो देवी का मंदिर देश के सबसे प्रमुख हिंदू तीर्थस्थलों में से एक है। यहां माता वैष्णो देवी तीन स्वयंभू पिंडियों के रूप में विराजमान हैं, जिन्हें महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती का स्वरूप माना जाता है।

ALSO READ THIS :  उत्तराखंड में भारी बारिश का रेड अलर्ट, 7 जिलों में स्कूल-आंगनबाड़ी बंद, केदारनाथ यात्रा स्थगित

कटरा से भवन तक लगभग 13 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी होती है। श्रद्धालुओं के लिए हेलीकॉप्टर, बैटरी कार और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध रहती हैं। हर वर्ष लाखों भक्त माता के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और श्राइन बोर्ड द्वारा जारी ताजा अपडेट की जानकारी अवश्य लें तथा सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें