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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन, पीछे हटने का सवाल नहीं: अभिजीत दिपके

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नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन लगातार जारी है। इस बीच सीजेपी अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने गुरुवार को साफ कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन अपनी मांगों पर कायम है और किसी भी परिस्थिति में पीछे हटने वाला नहीं है।

अभिजीत दिपके ने मीडिया से बातचीत में कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब लंबा हो चुका है, लेकिन मांगों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना होगा और जिम्मेदारी तय करनी होगी।

सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील

सीजेपी अध्यक्ष ने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक का अनशन 26वें दिन में प्रवेश कर चुका है और उनकी सेहत लगातार चिंता का विषय बनी हुई है।

उन्होंने कहा, “हम नहीं चाहते कि सोनम सर अपनी जान जोखिम में डालें। उनका जीवन देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” उन्होंने अपील की कि स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सोनम वांगचुक अपना अनशन समाप्त करें, लेकिन आंदोलन छात्रों के हितों को लेकर जारी रहेगा।

सरकार से जंतर-मंतर पर आकर बातचीत करने की मांग

अभिजीत दिपके ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ हुई बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि बातचीत के लिए उन्हें करीब पांच घंटे तक इंतजार कराया गया, जबकि मुलाकात केवल कुछ मिनटों तक ही चली।

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उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार बातचीत के लिए बुला रही थी, वहीं दूसरी तरफ छात्रों पर बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार वास्तव में बातचीत करना चाहती है तो उसे जंतर-मंतर आकर प्रदर्शनकारियों से सीधे संवाद करना चाहिए।

जेपी नड्डा द्वारा आंदोलन को राजनीति से प्रेरित बताए जाने पर दिपके ने कहा कि उनका संगठन केवल छात्रों के लिए न्याय और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहा है।

आंदोलन पूरे देश के युवाओं की आवाज बना: आशुतोष रांका

सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि करीब डेढ़ महीने पहले शुरू हुआ यह आंदोलन अब देशभर के युवाओं की आवाज बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर पर लगातार बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों में भी छात्र अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस आंदोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि युवा अब अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर सवाल उठा रहे हैं।

रांका ने दोहराया कि संगठन की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

मोबाइल फोन विवाद पर दी सफाई

जेपी नड्डा के साथ हुई बैठक के दौरान मोबाइल फोन जमा कराने के दावे को लेकर उठे विवाद पर आशुतोष रांका ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई विरोधाभास नहीं है।

रांका के मुताबिक दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक उनके मोबाइल फोन उनके पास नहीं थे। इसके बाद करीब 2:15 बजे जेपी नड्डा के साथ पहली बैठक हुई और लगभग 2:30 बजे फोन वापस मिले। उन्होंने बताया कि फोन मिलने के बाद उन्होंने मीडिया और संगठन के अन्य सदस्यों को बैठक की जानकारी दी।

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उन्होंने कहा कि शाम करीब 4 बजे लिखित प्रस्ताव के साथ दोबारा बैठक हुई, उस समय उनके पास मोबाइल फोन मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले को अलग दिशा देने का प्रयास कर रही है।

इंटरनेट बंद करने और सुरक्षा बढ़ाने का आरोप

आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन स्थल पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए और कुछ समय के लिए इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित हुईं। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे हटने वाले नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि संगठन सरकार से टकराव नहीं चाहता, लेकिन जब तक छात्रों की मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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