नई दिल्ली/ग्लासगो। ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने महिला शॉट पुट एफ57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि के साथ वह कॉमनवेल्थ गेम्स की पैरा एथलेटिक्स स्पर्धाओं में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित कई नेताओं ने उन्हें बधाई दी है।
शर्मिला धनखड़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 9.81 मीटर का थ्रो फेंका और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस जीत से भारतीय दल में उत्साह का माहौल है और पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई है।
“देश के लिए गोल्ड जीतकर बहुत खुश हूं” : शर्मिला धनखड़
स्वर्ण पदक जीतने के बाद शर्मिला धनखड़ ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि देश के लिए पदक जीतना उनके लिए सपने के सच होने जैसा है।
उन्होंने कहा कि वह आगे भी लगातार कड़ी मेहनत करेंगी और भविष्य की प्रतियोगिताओं में भी भारत के लिए अधिक से अधिक पदक जीतने का प्रयास करेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारतीय एथलीट आने वाले मुकाबलों में भी शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करेंगे।
राष्ट्रपति ने बताया प्रेरणादायी उपलब्धि
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शर्मिला धनखड़ को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने पैरा एथलेटिक्स में भारत की पहली कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण पदक विजेता बनकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि उनकी यह सफलता देश के युवा खिलाड़ियों को अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी और भविष्य में भी वे नई ऊंचाइयों को छुएंगी।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि ने देश का गौरव बढ़ाया है और आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों ने दी शुभकामनाएं
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि शर्मिला धनखड़ ने 9.81 मीटर का थ्रो फेंककर न केवल स्वर्ण पदक जीता, बल्कि हरियाणा और पूरे देश का नाम भी रोशन किया है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उन्हें ऐतिहासिक जीत पर बधाई देते हुए कहा कि उनका साहस, आत्मविश्वास और अथक परिश्रम करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने भविष्य में भी नए कीर्तिमान स्थापित करने की शुभकामनाएं दीं।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि शर्मिला की यह जीत केवल एक स्वर्ण पदक नहीं, बल्कि अदम्य साहस, अटूट संकल्प और कठिन परिश्रम की विजय का प्रतीक है। वहीं, केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने पैरा एथलेटिक्स में नया इतिहास रचकर भारत का गौरव बढ़ाया है।
भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
शर्मिला धनखड़ की यह सफलता भारतीय पैरा खेलों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। कॉमनवेल्थ गेम्स की पैरा एथलेटिक्स स्पर्धाओं में भारत के पहले स्वर्ण पदक ने देश के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी यह उपलब्धि देश के दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए नई प्रेरणा बनेगी और भविष्य में भारतीय पैरा एथलेटिक्स को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी।



