नई दिल्ली। मानसून की बदलती गतिविधियों के बीच दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों में बादल छाए रह सकते हैं। 11 से 16 सितंबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। बारिश के इस दौर से तापमान में गिरावट आने के साथ ही हवा की गुणवत्ता में भी कुछ समय के लिए सुधार देखने को मिल सकता है।
फिलहाल 10 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। इसके बाद बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम में इस बदलाव का असर दिन और रात के तापमान के साथ वातावरण में मौजूद प्रदूषक तत्वों पर भी दिखाई देने की संभावना है।
10 सितंबर को 35 डिग्री तक पहुंचेगा तापमान
स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 10 सितंबर को दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा। हालांकि फिलहाल मौसम विभाग की ओर से किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है।
इसके बाद 11 सितंबर से मौसम में बदलाव अधिक स्पष्ट दिखाई दे सकता है। इस दिन अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। आसमान में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
12 सितंबर को मध्यम बारिश के आसार
12 सितंबर को तापमान में और गिरावट आने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक इस दिन अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। दिनभर सामान्य तौर पर बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
बारिश का असर तापमान पर भी दिखाई दे सकता है। लगातार बादल और बारिश के कारण दिन के तापमान में कमी आने से लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
13 और 14 सितंबर को भी बारिश का दौर
13 सितंबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन भी आसमान में सामान्य तौर पर बादल छाए रह सकते हैं और हल्की बारिश होने की संभावना है।
वहीं 14 सितंबर को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। इस दिन भी बादलों की मौजूदगी के साथ हल्की बारिश के आसार हैं। आर्द्रता 90 से 75 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है, जिससे वातावरण में उमस बनी रह सकती है।
15 सितंबर को 24 डिग्री तक गिर सकता है न्यूनतम तापमान
15 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर में तापमान 31 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। आसमान सामान्य तौर पर बादलों से घिरा रह सकता है। इस दौरान बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना है।
मौसम में बदलाव के साथ दिल्ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्ता पर भी नजर बनी हुई है। बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ कुछ इलाकों में प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
दिल्ली के कई इलाकों में AQI 100 के पार
उपलब्ध केंद्रीय प्रदूषण निगरानी आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI 100 के ऊपर दर्ज किया गया है। अलीपुर में AQI 142, आनंद विहार में 91, अशोक विहार में 143, आया नगर में 109, बवाना में 247, बुराड़ी क्रॉसिंग में 125, कैंटोनमेंट एरिया में 92, चांदनी चौक में 151 और कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 112 दर्ज किया गया।
इन आंकड़ों में बवाना की स्थिति सबसे खराब रही, जहां AQI 247 दर्ज किया गया। इसके विपरीत आनंद विहार और कैंटोनमेंट एरिया में हवा अपेक्षाकृत बेहतर रही। यहां AQI क्रमशः 91 और 92 दर्ज किया गया।
नोएडा में भी कई इलाकों की हवा खराब
दिल्ली से सटे नोएडा में भी वायु गुणवत्ता को लेकर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उपलब्ध मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़ों के मुताबिक सेक्टर-125 में AQI 218, सेक्टर-62 में 133 और सेक्टर-116 में 198 दर्ज किया गया।
नोएडा के तीनों प्रमुख मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़ों में अंतर जरूर है, लेकिन सेक्टर-125 और सेक्टर-116 में हवा की स्थिति खास तौर पर खराब रही। इससे साफ है कि बारिश के बावजूद प्रदूषण का असर एनसीआर के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग स्तर पर बना हुआ है।
गाजियाबाद में कहीं राहत तो कहीं प्रदूषण का असर
गाजियाबाद के अलग-अलग मॉनिटरिंग स्टेशनों पर वायु गुणवत्ता की स्थिति मिश्रित रही। गोविंदपुरम में AQI 64, इंदिरापुरम में 65 और लोनी में 96 दर्ज किया गया, जो तुलनात्मक रूप से बेहतर स्थिति को दर्शाता है।
इसके विपरीत संजय नगर में AQI 172, वसुंधरा में 166 और वेद विहार-लोनी में 170 दर्ज किया गया। इससे पता चलता है कि एक ही शहर के अलग-अलग इलाकों में वायु गुणवत्ता का स्तर काफी अलग हो सकता है।
बारिश से मिल सकती है हवा को अस्थायी राहत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 11 से 16 सितंबर के बीच संभावित बारिश दिल्ली-एनसीआर के लिए दोहरी राहत लेकर आ सकती है। एक ओर बारिश और बादलों के कारण तापमान में कमी आ सकती है, वहीं दूसरी ओर वातावरण में मौजूद धूल और कुछ प्रदूषक कण बारिश के साथ नीचे बैठ सकते हैं।
हालांकि बारिश से वायु गुणवत्ता में होने वाला सुधार आमतौर पर अस्थायी माना जाता है। बारिश की गतिविधियां कम होने के बाद यदि हवा की गति कमजोर रही और प्रदूषण के स्रोत सक्रिय रहे तो प्रदूषक तत्व दोबारा बढ़ सकते हैं।
ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम और वायु गुणवत्ता दोनों के लिहाज से दिल्ली-एनसीआर के लिए 11 से 16 सितंबर का समय महत्वपूर्ण रहने वाला है। लोगों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि अनुमान के मुताबिक बारिश कितनी होती है और उसका तापमान तथा प्रदूषण पर कितना असर पड़ता है।

