Home » विविध इंडिया » दिल्ली एयरपोर्ट पर CISF ने दिखाई अपनी ताकत, हाईटेक तकनीक से ऐसे निष्क्रिय होगा बम!

दिल्ली एयरपोर्ट पर CISF ने दिखाई अपनी ताकत, हाईटेक तकनीक से ऐसे निष्क्रिय होगा बम!

Facebook
Twitter
WhatsApp

नई दिल्ली। देश के सबसे व्यस्त और संवेदनशील हवाई अड्डों में शुमार इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (दिल्ली एयरपोर्ट) की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने अपनी परिचालन क्षमताओं और तकनीकी कौशल को परखने के लिए एयरपोर्ट परिसर में एक विशेष ‘डेमोंस्ट्रेशन-कम-ऑपरेशनल एक्सपोजर’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इस महत्वपूर्ण आयोजन का मुख्य आकर्षण ‘वॉटर जेट डिसरप्टर’ नामक अत्याधुनिक उपकरण का लाइव प्रदर्शन रहा, जो पलक झपकते ही किसी भी आईईडी (देसी बम) को बिना विस्फोट किए निष्क्रिय करने की क्षमता रखता है। इस उच्च स्तरीय अभ्यास के दौरान सीआईएसएफ के डीआईजी और मुख्य विमानन सुरक्षा अधिकारी (सीएएसओ) बाबू राम (आईपीएस) समेत बल के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

बम निरोधक दस्ते को मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण, परखी गई युद्ध क्षमता

सीआईएसएफ के आला अधिकारियों के अनुसार, इस विशेष युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (बीडीडीएस) के जवानों और कमांडो को वॉटर जेट डिसरप्टर के सुरक्षित संचालन, इसके अचूक व सटीक उपयोग तथा आपातकालीन परिस्थितियों में इसकी रणनीतिक तैनाती का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना था। यह आधुनिक उपकरण विशेष रूप से इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) जैसे गंभीर और छिपे हुए विस्फोटक खतरों को बेहद सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करने में गेम-चेंजर साबित होता है। लाइव प्रदर्शन के दौरान हवाई अड्डे पर ठीक वैसी ही वास्तविक एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां तैयार की गईं, जैसी किसी आतंकी हमले या लावारिस बम मिलने के समय पैदा होती हैं। बीडीडीएस की टीम ने इन कठिन हालातों के बीच रोबोटिक और रिमोट संचालित उपकरणों का उपयोग कर अपनी तकनीकी दक्षता का लोहा मनवाया।

ALSO READ THIS :  बीमारियों की काल है चोबचीनी: इस जड़ी-बूटी के चमत्कारी फायदे उड़ा देंगे होश!

बदलते खतरों के बीच तकनीकी विशेषज्ञता समय की मांग: डीआईजी बाबू राम

इस सफल लाइव ऑपरेशनल अभ्यास के बाद जवानों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए डीआईजी बाबू राम ने पूरी टीम की मुस्तैदी और पेशेवर अंदाज की जमकर सराहना की। उन्होंने रेखांकित किया कि वैश्विक स्तर पर विमानन क्षेत्र को मिलने वाली सुरक्षा चुनौतियां और विस्फोटकों के तौर-तरीके लगातार बदल रहे हैं। ऐसे नए और जटिल खतरों से अग्रिम मोर्चे पर प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सुरक्षा बलों का नियमित प्रशिक्षण, अत्याधुनिक तकनीकों की गहरी समझ और वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित मॉक ड्रिल अत्यंत अनिवार्य हैं। उन्होंने सभी सुरक्षा कर्मियों से आह्वान किया कि वे अपने सामरिक कौशल और तकनीकी विशेषज्ञता को रोजाना अपडेट करें, ताकि किसी भी लाइव ऑपरेशन के दौरान त्वरित, सुरक्षित और आपस में बेहतर ढंग से समन्वित कार्रवाई को अंजाम दिया जा सके।

विमानन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता, सीआईएसएफ का डिजिटल संदेश

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर भी इस हाई-टेक सुरक्षा अभ्यास की तस्वीरें और विवरण साझा किए हैं। बल ने अपनी पोस्ट में स्पष्ट किया कि इस प्रकार के सघन और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण अभियानों का एकमात्र उद्देश्य बीडीडीएस कर्मियों की परिचालन क्षमता को चरम स्तर पर बनाए रखना है। सीआईएसएफ ने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वह निरंतर क्षमता निर्माण, जवानों के विशेष प्रशिक्षण और परिचालन उत्कृष्टता के माध्यम से भारतीय विमानन क्षेत्र और हवाई अड्डों की सुरक्षा को हर पल चाक-चौबंद और अटूट रखने के लिए पूरी तरह समर्पित है।

ALSO READ THIS :  मुजफ्फरनगर के उर्वरक व्यापारियों की रेव पार्टी, 4 करोड़ टर्नओवर के लिए आयोजक का 'लुभावना पैकेज'

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें