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गाजियाबाद में चलती कार में हो रहा था गर्भस्थ शिशु का लिंग परीक्षण, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने 4 आरोपियों को दबोचा

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गाजियाबाद। जनपद के कोतवाली थाना क्षेत्र में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़े और बेहद चौकाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग कर कानून की धज्जियां उड़ाने वाले इस गिरोह के सदस्य किसी अस्पताल या क्लिनिक में नहीं, बल्कि सड़क पर दौड़ती एक चलती कार के भीतर अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच का काला कारोबार चला रहे थे। मुखबिर की सटीक सूचना पर मुस्तैद पुलिस ने घेराबंदी करते हुए इस गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को रंगे हाथों दबोच लिया है। पकड़े गए शातिर आरोपियों की पहचान संदीप, सलमान, तस्लीम और शाहिद के रूप में हुई है, जो इस रैकेट को अंजाम दे रहे थे।

चलती कार बनी पोर्टेबल क्लिनिक, बिछाया था जाल

पुलिस प्रशासन को गोपनीय सूचना मिली थी कि कोतवाली क्षेत्र की सड़कों पर घूम रही एक संदिग्ध गाड़ी के भीतर गर्भवती महिलाओं के भ्रूण की अवैध लिंग जांच की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाई और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के साथ मिलकर एक विशेष टीम का गठन किया। योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर टीम ने चिन्हित की गई गाड़ी को चारों तरफ से घेरकर बीच सड़क पर रुकवा लिया। जब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गाड़ी के भीतर का नजारा देखा तो उनके होश उड़ गए। आरोपियों ने कार के भीतर ही पोर्टेबल मशीनें और उपकरण फिट कर रखे थे ताकि किसी को कानों-कान भनक न लगे। तलाशी के दौरान वाहन के अंदर से अत्याधुनिक लिंग जांच उपकरण, अवैध दवाएं और भारी मात्रा में अन्य चिकित्सा सामग्रियां बरामद की गईं।

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मोटी रकम का खेल, स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई

घटनास्थल पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की विशेषज्ञ टीम ने पकड़े गए उपकरणों को अपने कब्जे में लेकर तकनीकी तौर पर जांच की। शुरुआती पूछताछ और कड़ाई से की गई तफ्तीश में चारों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि वे इस गैर-कानूनी काम के बदले जरूरतमंद और लालची लोगों से मोटी रकम वसूलते थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह काफी लंबे समय से गाजियाबाद और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय था। ये लोग पकड़े जाने के डर से बार-बार अपनी लोकेशन बदलते रहते थे और पुलिस को चकमा देने के लिए ही इन्होंने चलती गाड़ी में इस काले धंधे को संचालित करने का नायाब लेकिन खौफनाक तरीका निकाला था।

पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत मुकदमा, अन्य कड़ियों की तलाश

कोतवाली थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चारों आरोपियों संदीप, सलमान, तस्लीम और शाहिद के खिलाफ पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत व गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल की जा रही गाड़ी और बरामद उपकरणों को पूरी तरह सील कर दिया है। पुलिस विभाग के आला अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह के तार दिल्ली-एनसीआर के कई बड़े अस्पतालों, दलालों और निजी डॉक्टरों से भी जुड़े हो सकते हैं। आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस रैकेट से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों का बेनकाब होना तय है।

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