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फारूक अब्दुल्ला और अखिलेश यादव पर बरसे गिरिराज सिंह, बोले- उचित समय पर बहाल होगा जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा

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पटना। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग और विपक्षी नेताओं के बयानों पर बड़ा पलटवार किया है। शुक्रवार को पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार सही समय आने पर ही जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करेगी। दरअसल, नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में एक बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है, जिसके लिए उन्होंने विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों से भी समर्थन मांगा है। विपक्षी दलों की इस गोलबंदी पर केंद्रीय मंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

अब्दुल्ला परिवार ने हमेशा पाकिस्तान की भाषा बोली: केंद्रीय मंत्री

नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की आलोचना करते हुए गिरिराज सिंह ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला और उनके परिवार ने हमेशा पाकिस्तान के हितों के पक्ष में बात की है और घाटी में अलगाववादी तत्वों को मुख्यधारा की राजनीति में लाने की वकालत की है। गिरिराज सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि जब कश्मीर घाटी में बेगुनाह हिंदुओं की बेरहमी से हत्याएं हो रही थीं, तब ये लोग सत्ता का पूरा आनंद ले रहे थे। उन्होंने कहा कि ये नेता आज भी चाहते हैं कि अलगाववादियों और आतंकवादियों को मुख्यधारा की राजनीति में जगह मिले, लेकिन देश की वर्तमान सरकार सुरक्षा व्यवस्था से कोई समझौता नहीं करेगी और सही समय आने पर ही राज्य का दर्जा वापस दिया जाएगा।

‘रामभक्तों पर गोली चलाने वाले सबसे बड़े सनातनी’— अखिलेश यादव पर तीखा तंज

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इस दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव की उस टिप्पणी पर भी कड़ा रुख अपनाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘जो सनातन है, वही समाजवाद है’। गिरिराज सिंह ने उपहास उड़ाते हुए कहा कि अखिलेश यादव को एक कदम और आगे बढ़कर यह कहना चाहिए था कि समाजवाद ही सनातन है। उन्होंने ग्रामीण कहावत ‘नया मियां ढेर प्याज खाता है’ का हवाला देते हुए सपा और कांग्रेस पर चौतरफा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को यह भी कह देना चाहिए था कि जो रामभक्तों को गोलियों से भून दें, वही सबसे बड़े सनातनी हैं, जैसा मुलायम सिंह यादव और उनकी पार्टी ने किया था। उनसे भी बड़ा सनातनी कांग्रेस को होना चाहिए, जो कोर्ट में भगवान राम के अस्तित्व को ही नकार चुकी है और फिर इनसे भी बड़ा सनातनी देश का ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग है।

सनातन के बिना भारत की पहचान अधूरी, तुष्टीकरण की राजनीति पर उठाए सवाल

गिरिराज सिंह ने विपक्षी नेताओं की धर्मनिरपेक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सनातन के बिना भारत की पहचान पूरी तरह अधूरी है, लेकिन ये लोग मस्जिदों में जाकर टोपी पहनना पसंद करते हैं और सनातन का अपमान करते हैं। अपने बयान के समर्थन में उन्होंने समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव और राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव के पुराने बयानों का भी विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने याद दिलाया कि रामगोपाल यादव ने कभी कहा था कि ‘जो गुंबद पर चढ़ गए, उन्हें जिंदा नीचे नहीं उतरने दिया जाएगा’ और मुलायम सिंह यादव ने संसद व मंचों से स्वीकार किया था कि ‘एक लाश क्या, सैकड़ों लाशें बिछानी पड़ेंगी तो बिछा दूंगा और रामभक्तों को मारूंगा, लेकिन मस्जिद का गुंबद ढहने नहीं दूंगा।’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जनता इन बयानों को भूली नहीं है और तुष्टीकरण की इस राजनीति को देश अच्छी तरह समझता है।

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