हरिद्वार। कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले काली सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने गैर-हिंदू दुकानदारों और व्यापारियों को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में गैर-हिंदू समुदाय के लोगों की दुकानें मिलीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से भी कांवड़ यात्रा मार्ग पर पवित्र पूजा सामग्री बेचने वाले दुकानदारों की जांच करने की अपील की।
स्वामी आनंद स्वरूप ने दावा किया कि काली सेना पहले ही यह घोषणा कर चुकी है कि कांवड़ मेले में यदि गैर-हिंदू समुदाय की दुकानें मिलती हैं तो उन्हें हटाने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि यात्रा शुरू होने तक लगातार जांच अभियान चलाया जाएगा और यदि जांच के दौरान कोई मामला सामने आता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
नेमप्लेट और दुकानों की जांच की भी कही बात
स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि यदि यात्रा मार्ग पर बिना नेमप्लेट की दुकानें दिखाई देती हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कांवड़ यात्रियों से अपील की कि वे अपनी धार्मिक यात्रा से जुड़े सामान खरीदते समय सावधानी बरतें।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग कांवड़ यात्रा की पवित्रता को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं। यह उनके व्यक्तिगत आरोप और बयान हैं।
30 जुलाई से शुरू होगी कांवड़ यात्रा
इस वर्ष कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से सावन माह के प्रथम दिन शुरू होगी और 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव के जलाभिषेक के साथ संपन्न होगी। हर वर्ष लाखों शिवभक्त हरिद्वार पहुंचकर गंगा जल लेकर अपने-अपने गंतव्य तक पैदल यात्रा करते हैं।
कांवड़ यात्रा को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। भीड़ प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 6,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। प्रमुख कांवड़ मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों, वॉच टावर और अन्य निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। प्रशासन ने पहले से निर्धारित कांवड़ मार्गों पर मांस और शराब की दुकानों पर प्रतिबंध भी लागू किया है।



