कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से पशु क्रूरता और वन्यजीव सुरक्षा से जुड़ी एक बेहद विचलित करने वाली खबर सामने आई है। जाजमऊ थाना क्षेत्र के अंतर्गत गंगा नदी के किनारे रविवार की सुबह एक विशालकाय मगरमच्छ मृत अवस्था में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। लगभग चार से पांच फीट लंबे इस मगरमच्छ के सिर और पूरे शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं, जिसे देखकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। सूचना मिलते ही वन विभाग और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी व चिकित्सीय कार्रवाई शुरू कर दी है।
क्रिकेट खेल रहे बच्चों ने देखा खौफनाक मंजर
यह पूरी घटना जाजमऊ के मटुक शहीद बाबा की मजार के पास स्थित एक ईंट-भट्टे के सामने गंगा तट की है। चश्मदीदों के मुताबिक, रविवार की सुबह कुछ स्थानीय बच्चे नदी के ठीक किनारे मैदान में क्रिकेट खेल रहे थे। इसी दौरान शॉट लगने से उनकी गेंद गंगा नदी की ढलान की ओर चली गई। जब बच्चे अपनी गेंद को ढूंढते हुए पानी के करीब पहुंचे, तो वहां मगरमच्छ का लथपथ शव देखकर उनके होश उड़ गए। बच्चों के शोर मचाने और चीखने की आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण और राहगीर भारी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए।
जाल में फंसाने के बाद भारी वस्तु से सिर कुचलने का आरोप
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने जब मगरमच्छ के शव को करीब से देखा, तो यह साफ हो गया कि यह प्राकृतिक मौत का मामला नहीं है। मगरमच्छ के सिर की हड्डी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त (क्रश) हो चुकी थी और उसके शरीर पर कई जगह गहरे जख्म थे, जिससे लगातार खून बह रहा था।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि गंगा नदी के इस क्षेत्र में कुछ भू-माफिया और अवैध रूप से मछली पकड़ने वाले शिकारी सक्रिय हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह मगरमच्छ रात के वक्त अवैध रूप से नदी में डाले गए बड़े जाल में फंस गया होगा। जाल को फटने से बचाने या मगरमच्छ के खौफ से बचने के लिए शिकारियों ने किसी भारी लोहे की रॉड या पत्थर से उसके सिर पर ताबड़तोड़ हमला किया होगा, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि, वन विभाग के अधिकारियों ने अभी तक इस थ्योरी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।



