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कानून व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता, जनता को किसी तरह की परेशानी न हो: केशव प्रसाद मौर्य

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो और नागरिकों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए।

मानसून सत्र-2026 से पहले विधान भवन में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री ने राज्य की कानून व्यवस्था, सुरक्षा तैयारियों और विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के निर्देश दिए।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार, लेकिन अराजकता पर होगी कार्रवाई

बैठक में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है और इसे लेकर पुलिस को संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्र प्रदर्शनकारियों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।

हालांकि उपमुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति छात्र आंदोलनों या किसी अन्य प्रदर्शन का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने या सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने के लिए करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर

बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने सावन की कांवड़ यात्रा की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए। यात्रा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

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साइबर अपराध और सोशल मीडिया निगरानी बढ़ाने के निर्देश

केशव प्रसाद मौर्य ने साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए साइबर पुलिस इकाइयों और तकनीकी टीमों को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी निगरानी बढ़ाने को कहा, ताकि अफवाहों, भ्रामक सूचनाओं और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री के प्रसार को रोका जा सके।

पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई पर जोर

बैठक में जन शिकायतों, ऑनलाइन ट्रैफिक चालान और अयोध्या से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रकार की कार्रवाई पारदर्शी, निष्पक्ष और जनहित को ध्यान में रखते हुए की जानी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन व्यवस्था में जवाबदेही, संवेदनशीलता और पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। सरकार अपराध और अराजकता के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा, एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश, एडीजी लॉजिस्टिक्स संजीव गुप्ता, एडीजी मानवाधिकार राज कुमार सहित पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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