मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर के मीरापुर थाना क्षेत्र के कुतुबपुर गांव में मंगलवार देर शाम करीब 7 :30 बजे 32 वर्षीय विवाहिता आयशा की आत्महत्या के बाद हड़कंप मच गया। घर में काम करने के दौरान आयशा की अपनी सास से कहासुनी हो गई थी। विवाद के बाद वह बाथरूम में चली गई और खुद को अंदर से बंद कर लिया। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर परिवार के लोगों को अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलने पर सीओ जानसठ ऋषिका सिंह और मीरापुर इंस्पेक्टर राजीव शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बाथरूम का दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। इसके बाद पुलिस ने बाथरूम की दीवार तोड़कर अंदर पहुंचकर आयशा को बाहर निकाला। आयशा अंदर फांसी के फंदे पर लटकी मिली। पुलिस ने मौके की जांच की और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की।
पुलिस की पूछताछ में मृतका की बहन अर्शेजहां ने बताया कि घर में रखे चावल किसी जरूरतमंद व्यक्ति को देने की बात को लेकर आयशा और उसकी सास के बीच कहासुनी हुई थी। उसके मुताबिक, सास ने चावल जरूरतमंद को देने के लिए कहा था, लेकिन आयशा ने चावल देने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था।
बताया गया कि वर्ष 2017 में शामली के राई नंगला निवासी महबूब की बेटी आयशा का कुतुबपुर निवासी बिलाल के साथ हुआ था। आयशा के तीन बेटियां और दो बेटे हैं। मां की मौत के बाद बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद देर शाम आयशा के मायके पक्ष के लोग भी कुतुबपुर पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस परिवार के सदस्यों से पूछताछ करने के साथ घटना से पहले के हालात की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जानकारी में सास के साथ कहासुनी के बाद विवाहिता द्वारा आत्महत्या किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि घटना के पीछे की परिस्थितियों को लेकर पुलिस की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

