मथुरा। अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद देश भर के बड़े धार्मिक स्थलों और देवस्थानों के प्रबंधन में पारदर्शिता तथा जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो गई है। इसी कड़ी में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के प्रमुख हिंदू पक्षकार दिनेश फलाहारी ने मंदिर ट्रस्टों की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार और कड़ी निगरानी व्यवस्था लागू करने की पुरजोर वकालत की है। मथुरा में मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिरों में आने वाला चढ़ावा और दान देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का पवित्र प्रतीक होता है। इसलिए इसके संरक्षण, सुरक्षा और सही उपयोग को लेकर किसी भी स्तर पर रत्ती भर भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
निष्पक्ष और बेदाग छवि वाले चेहरों को मिले ट्रस्ट में जगह
दिनेश फलाहारी ने राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की हालिया बैठक का हवाला देते हुए कहा कि महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार किया जा चुका है। अब समय आ गया है कि ट्रस्ट के महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर ऐसे प्रतिष्ठित लोगों की नियुक्ति की जाए, जिनकी कार्यशैली पर भूत या भविष्य में किसी भी प्रकार का कोई सवालिया निशान न खड़ा हो सके। उन्होंने कहा कि नई नियुक्तियों में पूरी तरह से ईमानदारी, निष्पक्षता और समाज के प्रति सेवा भाव को ही पैमाना बनाया जाना चाहिए ताकि आम जनमानस का भरोसा और अधिक सुदृढ़ हो सके।
विरोधियों और राजनीतिक गिद्धों को न मिले उंगली उठाने का मौका
पक्षकार दिनेश फलाहारी ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि यदि चंदा चोरी और वित्तीय हेरफेर जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को समय रहते फुल-प्रूफ तकनीकी व्यवस्था से नहीं रोका गया, तो उन शक्तियों को सनातन परंपरा पर अनर्गल आरोप लगाने का सीधा अवसर मिल जाएगा जिन्होंने शुरू से ही राम मंदिर निर्माण का वैचारिक रूप से विरोध किया था। उन्होंने कहा कि हमें ऐसी कोई भी परिस्थिति या प्रशासनिक खामी नहीं छोड़नी चाहिए जिसका फायदा उठाकर कोई भी विरोधी संगठन इसका राजनीतिक, सामाजिक या वैचारिक लाभ उठा सके। ट्रस्ट का संपूर्ण संचालन शीशे की तरह साफ और जवाबदेही के दायरे में होना चाहिए।”
चप्पे-चप्पे पर हो तीसरी आंख (CCTV) का पहरा
भविष्य के लिए ठोस सुझाव देते हुए दिनेश फलाहारी ने कहा कि मंदिर परिसरों और ट्रस्ट के वित्तीय कार्यालयों, विशेष रूप से जहां नकदी और सोने-चांदी की गिनती होती है, वहां अत्याधुनिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के माध्यम से व्यापक और लाइव निगरानी की परमानेंट व्यवस्था की जानी चाहिए। कई बार चंद गलत प्रवृत्ति के चंद कर्मचारियों या सेवादारों के भ्रष्ट आचरण की वजह से संपूर्ण धार्मिक संगठन की छवि वैश्विक स्तर पर धूमिल हो जाती है। इस दाग से बचने के लिए एक ऐसा सिस्टम विकसित करना होगा, जिसमें इंसानी दखल कम हो और गड़बड़ी की गुंजाइश पूरी तरह शून्य (न्यूनतम) हो जाए।
योगीराज में कोई भी अपराधी कानून से बच नहीं सकता
अयोध्या पुलिस और एसओजी द्वारा की जा रही कानूनी जांच पर पूरा भरोसा जताते हुए फलाहारी ने कहा कि देश की शीर्ष जांच एजेंसियां अपना काम पूरी मुस्तैदी से कर रही हैं और रामलला के खजाने पर नजर डालने वाला कोई भी दोषी कानून के लंबे हाथों से बच नहीं पाएगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख का स्मरण कराते हुए कहा कि सूबे के मुखिया पहले ही यह साफ संदेश दे चुके हैं कि अपराध की दुनिया में शामिल व्यक्ति चाहे कितना भी रसूखदार, प्रभावशाली या ऊंचे पद पर क्यों न बैठा हो, कानून पूरी निष्पक्षता से अपना काम करेगा और हर गुनहगार को जेल की सलाखों के पीछे जाना ही पड़ेगा।


