मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। रुक्मणी विहार क्षेत्र में निर्माणाधीन ओमेक्स के ‘वृंदावन कोर्टयार्ड मॉल’ में शटरिंग गिरने से तीन श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा उस समय हुआ जब निर्माणाधीन इमारत की दूसरी मंजिल पर छत और छज्जे की ढलाई का काम चल रहा था।
शटरिंग और ढलाई में इस्तेमाल होने वाली निर्माण सामग्री अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। इसकी चपेट में चार श्रमिक आ गए और मलबे में दब गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
रात में चल रहा था ढलाई का काम
पुलिस के अनुसार रुक्मणी विहार स्थित ओमेक्स की व्यावसायिक निर्माणाधीन साइट पर रात के समय ढलाई का काम चल रहा था। इसी दौरान दूसरी मंजिल पर छज्जे के निर्माण के लिए लगाई गई शटरिंग अचानक भरभराकर नीचे आ गिरी।
शटरिंग के साथ निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री भी नीचे गिरी, जिससे वहां काम कर रहे चार श्रमिक मलबे के नीचे दब गए। अचानक हुए इस हादसे से निर्माण स्थल पर अफरातफरी मच गई।
पुलिस और दमकल टीम ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। राहत एवं बचाव दल ने काफी मशक्कत के बाद चारों श्रमिकों को मलबे से बाहर निकाला।
पुलिस के मुताबिक एक श्रमिक की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि तीन अन्य श्रमिक घायल अवस्था में मिले। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान दो और श्रमिकों ने दम तोड़ दिया।
इस हादसे में गंभीर रूप से घायल एक श्रमिक की हालत को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा रेफर किया गया है। उसका उपचार जारी है।
तीन श्रमिकों की मौत से मचा कोहराम
हादसे में तीन श्रमिकों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवारों में कोहराम मच गया। परिजन घटनास्थल और अस्पताल पहुंच गए। मृतकों के शव पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं।
परिजनों ने निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने मृतक श्रमिकों के परिवारों के लिए उचित मुआवजे की मांग की है। हादसे के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
एसपी सिटी ने बताई हादसे की पूरी जानकारी
मथुरा के एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि रुक्मिणी विहार में ओमेक्स की एक कमर्शियल साइट पर निर्माण कार्य चल रहा था। वहां एक छज्जे का निर्माण किया जा रहा था और शटरिंग का काम चल रहा था।
उन्होंने बताया कि अचानक शटरिंग गिर गई। सूचना मिली कि उसके नीचे चार मिस्त्री दब गए हैं। पुलिस और राहत टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी को बाहर निकाला। इनमें से तीन श्रमिकों की मौत हो गई।
मुख्यमंत्री योगी ने लिया हादसे का संज्ञान
मथुरा में हुए हादसे का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायल श्रमिक का समुचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने मृतक श्रमिकों के परिजनों से संवाद कर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने घायल श्रमिक के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। प्रशासन की ओर से हादसे के बाद राहत और चिकित्सा व्यवस्था को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद निर्माणाधीन साइट पर सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि यदि निर्माण कार्य के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए होते तो इस तरह का हादसा टाला जा सकता था।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। निर्माण स्थल पर शटरिंग गिरने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच करेगी कि निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
जांच के बाद सामने आएगी हादसे की असली वजह
पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शटरिंग किस वजह से गिरी और निर्माण कार्य में किसी तरह की तकनीकी या मानवीय लापरवाही हुई थी या नहीं। हादसे के बाद संबंधित अधिकारियों की ओर से निर्माण स्थल की परिस्थितियों और सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जा रही है।
वृंदावन जैसे धार्मिक और पर्यटन क्षेत्र में निर्माणाधीन व्यावसायिक परियोजना में तीन श्रमिकों की मौत ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



