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प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में मेरठ प्रदेश में नंबर-1, दूसरे नंबर पर रहा चित्रकूट,गाजियाबाद टॉप-10 में शामिल!

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मेरठ। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) दिवस अगस्त 2026 की रिपोर्ट PMSMA पोर्टल पर प्रकाशित हो गई है। इसमें मेरठ ने उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राम प्रसाद के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक गर्भवती महिलाओं को अभियान का लाभ पहुंचाकर यह उपलब्धि हासिल की। मेरठ के प्रदेश में प्रथम आने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राम प्रसाद ने बताया कि अगस्त में मेरठ का लक्ष्य 47,769 गर्भवती महिलाओं को PMSMA सेवाएं उपलब्ध कराने का था। इसके सापेक्ष 49,433 गर्भवती महिलाओं ने अभियान के तहत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। निर्धारित लक्ष्य से अधिक महिलाओं तक सेवाएं पहुंचना जिले के बेहतर प्रदर्शन का प्रमुख आधार रहा।

प्रदेश की रैंकिंग में चित्रकूट दूसरे स्थान पर रहा। वहां 12,895 के लक्ष्य के सापेक्ष 13,275 गर्भवती महिलाओं ने सेवाओं का लाभ लिया। संत कबीरनगर तीसरे और पीलीभीत चौथे स्थान पर रहा। पीलीभीत में 22,356 के लक्ष्य के सापेक्ष 32,459 गर्भवती महिलाओं को सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

मंडल में गाजियाबाद टॉप-10 में
मेरठ मंडल के जिलों में गाजियाबाद ने प्रदेश की रैंकिंग में आठवां स्थान प्राप्त कर टॉप-10 में जगह बनाई। गाजियाबाद में 43,577 के लक्ष्य के सापेक्ष 32,443 गर्भवती महिलाओं ने PMSMA सेवाओं का लाभ लिया। वहीं बुलंदशहर 14वें स्थान पर रहा। यहां 50,674 के लक्ष्य के मुकाबले 37,736 गर्भवती महिलाओं को सेवाएं दी गईं।

मंडल के हापुड़ को 22वां और गौतमबुद्धनगर को 48वां स्थान मिला। अधिकारियों के मुताबिक PMSMA के तहत गर्भवती महिलाओं को समय पर जांच, आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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टीम के प्रयासों का परिणाम
सीएमओ डा. राम प्रसाद ने मेरठ के प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं और अभियान से जुड़े अन्य कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने सभी के प्रति आभार भी जताया।

अधिकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास लगातार जारी है। समय पर जांच और जोखिम की पहचान होने से गर्भवती महिलाओं को आवश्यक उपचार एवं चिकित्सकीय निगरानी उपलब्ध कराना आसान होता है।

हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान पर जोर
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राजेश कुमार ने बताया कि PMSMA का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना है। अभियान के दौरान गर्भवती महिलाओं की ब्लड प्रेशर, यूरिन, हीमोग्लोबिन सहित आवश्यक जांच की जाती है।

उन्होंने बताया कि गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही में पहुंच चुकी महिलाओं की विशेष निगरानी की जाती है। इसका प्रमुख उद्देश्य हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समय रहते पहचान कर उपचार और चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित करना है। PMSMA के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व के लिए जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।

 

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