मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में साइबर ठगी के पैसों को ठिकाने लगाने वाले नेटवर्क पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शिकंजा कसा है। पुलिस ने साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने और उनमें ठगी की रकम मंगाकर कैश कराने के आरोप में मेरठ के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी ठगी की रकम निकालने के बाद अपना कमीशन काटते थे और बची रकम साइबर अपराधियों तक पहुंचाते थे।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के कैली निवासी जीशान उर्फ शाहरूख और मौहम्मद हसन के रूप में हुई है। दोनों पर आरोप है कि वे साइबर अपराधियों के लिए म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। इन खातों में लोगों से साइबर धोखाधड़ी के जरिए हासिल की गई रकम मंगाई जाती थी और इसके बाद रकम को निकालकर आगे भेजा जाता था।
इस पूरे नेटवर्क का सुराग गृह मंत्रालय के ‘प्रतिबिम्ब’ पोर्टल से मिली संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी की जांच के दौरान सामने आने की बात पुलिस ने कही है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने संदिग्ध खातों के लेनदेन और उनके संचालन की पड़ताल की। जांच में इन खातों का संबंध साइबर वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ी गतिविधियों से सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों तक पहुंच बनाई।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि साइबर अपराधी ठगी की रकम इन म्यूल खातों में मंगवाते थे। इसके बाद आरोपी खातों से रकम निकालते थे और उसमें से अपना कमीशन रख लेते थे। बची हुई रकम को अपने साइबर अपराधी साथियों तक पहुंचाने की बात सामने आई है।
जांच में सामने आए एक और अहम पहलू के मुताबिक, पुलिस का कहना है कि नकद निकाली गई रकम का एक हिस्सा USDT के जरिए साइबर अपराधियों तक भेजा जाता था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों आरोपियों ने कितने बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए और इन खातों के जरिए अब तक कितनी रकम का लेनदेन हुआ।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, तीन चेकबुक, तीन पासबुक, तीन ATM कार्ड और एक फर्जी आधार कार्ड बरामद किया है। पुलिस इन दस्तावेजों और बैंकिंग उपकरणों की जांच कर रही है। जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि इन खातों का इस्तेमाल किन-किन साइबर अपराधों में हुआ और ठगी की रकम किस-किस नेटवर्क तक पहुंचाई गई।
दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस इस नेटवर्क की अगली कड़ियां तलाश रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों के संपर्क में कौन-कौन साइबर अपराधी थे और म्यूल खातों से रकम निकलने के बाद उसे आगे किन माध्यमों से भेजा जाता था।
कार्रवाई SSP संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में SP क्राइम इन्दु सिद्धार्थ, CO क्राइम सुभाषचन्द्र और साइबर क्राइम थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह के नेतृत्व में की गई। टीम में SI गौरव कुमार, हेड कांस्टेबल बालकिशन, आकाश चौधरी और सुनील कुमार शामिल रहे।

