मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में अदालत ने हत्या और गैंगस्टर एक्ट के दो अलग-अलग मामलों में शुक्रवार को शाम के वक्त सजा सुनाई। फैक्ट्री कर्मचारी राहुल की हत्या के मामले में एफटीसी कोर्ट नंबर-2 ने आरोपी अजय सैनी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 45 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं विशेष गैंगस्टर कोर्ट ने वर्ष 2014 के मामले में आरोपी विक्रांत उर्फ गोलू को चार साल के कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
एडीजीसी कमल कुमार के मुताबिक सिखेड़ा थाना क्षेत्र के भंडूरा गांव निवासी राहुल भोपा रोड स्थित एक फैक्ट्री में काम करता था। 14 अप्रैल 2023 को वह मजदूरी के लिए घर से फैक्ट्री गया था, लेकिन रात में वापस नहीं लौटा। अगले दिन 15 अप्रैल को उसका शव भोपा रोड स्थित एक पब्लिक स्कूल के पास पड़ा मिला था। पुलिस के अनुसार उसकी हत्या की गई थी।
राहुल के पिता सुभाष की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान भंडूर गांव निवासी अजय सैनी का नाम सामने आया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और बाद में उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
अभियोजन के मुताबिक पुलिस पूछताछ में अजय ने राहुल पर अपनी पत्नी पर गलत नजर रखने का आरोप लगाया था और इसी को हत्या की वजह बताया था। मामले की सुनवाई एफटीसी कोर्ट नंबर-2 की न्यायाधीश शिवकुमारी की अदालत में हुई। अभियोजन की ओर से 13 गवाह पेश किए गए। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अजय सैनी को आजीवन कारावास और 45 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
दूसरे मामले में एडीजीसी दिनेश पुंडीर ने बताया कि तितावी पुलिस ने वर्ष 2014 में बरवाला, थाना शाहपुर निवासी विक्रांत उर्फ गोलू और उसके दो साथियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। विक्रांत की पत्रावली अलग कर दी गई थी।
मामले की सुनवाई विशेष गैंगस्टर कोर्ट के न्यायाधीश काशिफ शेख की अदालत में हुई। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने विक्रांत उर्फ गोलू को चार साल के कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

