मुजफ्फरनगर। साइबर क्राइम पुलिस ने बड़ा कमाल कर दिखाया है। साइबर टीम ने फर्जी कंपनियां रजिस्टर कर जीएसटी नंबर पर फर्जी बिलिंग करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 3 शातिर अफजल, मोनिस अली और मौहम्मद हफीज गिरफ्तार कर लिया।
उनके कब्जे से 6 मोबाइल, 5 लैपटॉप, हार्ड डिस्क, इंटरनेट डोंगल, रबर स्टांप, चेक बुक, 12 डिजिटल सिग्नेचर USB, प्रिंटर, कीबोर्ड, क्रेटा कार और 34 फर्जी जीएसटी फर्मों के दस्तावेज बरामद हुए। इन जालसाजों ने अब तक करोड़ों के फर्जी बिल तैयार किए गए थे।

गरीबों के नाम पर फर्जी फर्म
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि LLB पास मौहम्मद हफीज अकाउंटिंग और जीएसटी का काम करता है। मोनिस और अफजल से मिलकर उसने मुनाफे के लालच में गिरोह बनाया। भोले-भाले गरीबों को पैसे का लालच देकर आधार, पैन कार्ड लिए।
उनके नाम पर बैंक अकाउंट और जीएसटी फर्में खुलवाईं। फर्जी जीएसटी बिल और ई-वे बिल काटकर मोटा मुनाफा कमाया। अब तक 40-50 फर्मों का इस्तेमाल किया गया। अफजल गोदाम और जगहों का इंतजाम करता था।
शातिरों का पुराना रिकॉर्ड
तीनों के खिलाफ पहले भी खालापार, नई मंडी, शाहपुर और कोतवाली नगर में फर्जी जीएसटी से जुड़े केस दर्ज हैं।

पुलिस की मेहनत रंग लाई
अभियान UP शासन के निर्देश पर चला। ADG मेरठ जोन, DIG सहारनपुर, SSP संजय कुमार वर्मा, SP क्राइम इन्दु सिद्धार्थ और साइबर थाना प्रभारी सुल्तान सिंह के नेतृत्व में सफलता मिली।
टीम में निरीक्षक इन्द्रजीत सिंह, सब–इंस्पेक्टर गौरव चौहान, धर्मराज यादव, गौरव कुमार और कांस्टेबल आकाश चौधरी, बालकिशन, मोहित कुमार, राहुल कुमार शामिल रहे।

राजस्व को करोड़ों का चूना
यह गिरोह देशभर में फर्जी जीएसटी फर्मों से राजस्व को चूना लगा रहा था। अब जांच में और खुलासे होने की उम्मीद है। साइबर क्राइम पुलिस ने साबित किया कि अपराधियों की अब खैर नहीं।



