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मुजफ्फरनगर: रिश्वतखोर लेखपाल राजीव लोचन की करतूत का खुलासा! कब्ज़ा दिलाने की एवज में ली 50 हजार की घूस, DM के आदेश पर जांच शुरू

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खतौली तहसील के मंसूरपुर गांव के लेखपाल के खिलाफ़ ऑडियो और वीडियो के सबूत! रकम लेकर भी किया धोखा, रिटायरमेंट के नजदीक अब नौकरी पर खतरा!

मुजफ्फरनगर की खतौली तहसील के मंसूरपुर गांव में लेखपाल राजीव लोचन पर गंभीर रिश्वतखोरी का आरोप लगा है। ग्रामीण रोहित पुत्र ओमपाल प्रजापत ने आरोप लगाया है कि लेखपाल ने प्लॉट पर कब्जा दिलाने के एवज में 50 हजार रुपये रिश्वत ली, लेकिन काम नहीं कराया।

रोहित ने बीजेपी कार्यकर्ता बिट्टू प्रजापति के साथ DM उमेश कुमार मिश्रा से मिलकर लिखित शिकायत की और कॉल रिकॉर्डिंग व वीडियो साक्ष्य उपलब्ध कराए।

ऑडियो में रिश्वतखोरी का खुलासा

अधिकारियों को उपलब्ध कराई गई ऑडियो में दो व्यक्तियों के बीच बातचीत साफ सुनाई दे रही है, जिसमें 50 हजार रुपये लिए गए और काम न होने पर पैसे वापस करने का वादा किया गया।

रोहित का दावा है कि सामने वाला व्यक्ति लेखपाल राजीव लोचन ही है। यह ऑडियो अब DM कार्यालय और जांच टीम समेत मीडिया के पास है।

प्लॉट खरीदा, लेकिन गलत नंबर पर बैनामा

बिट्टू प्रजापति ने बताया कि 29 अक्टूबर 2025 को रोहित ने गांव की ही दलित महिला तारा पत्नी रमेश से 100 गज का प्लॉट 80 हजार रुपये में खरीदा था। तारा ने अपने 16 नंबर प्लॉट के बजाए 53 नंबर का प्लॉट बैनामा कर दिया।

कब्जा लेने पर नींव उखाड़कर फेंक दी गई। रोहित ने लेखपाल से संपर्क किया तो उसने कब्जा दिलाने के एवज में 70 हजार रुपये की डिमांड की। रोहित ने 50 हजार रुपये दे दिए।

आरोपित लेखपाल राजीव लोचन (फाइल फोटो)

पैसे लेकर भी धोखा, फिर रकम वापस कराई

वादे के मुताबिक काम नहीं हुआ। रोहित बीजेपी कार्यकर्ता बिट्टू प्रजापति के साथ राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल से मिले। मंत्री ने मामले को DM उमेश कुमार मिश्रा तक पहुंचाया।
इस बात से चिढ़कर लेखपाल ने अपने गुर्गे प्रवीण के माध्यम से रकम वापस करा दी और गांव के ही प्रेम पुत्र रामसिंह को 53 नंबर प्लॉट पर कब्जा करा दिया। रकम वापस होने का वीडियो भी रोहित ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया।

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ऑडियो सुने–

FIR और सेवा समाप्ति के निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए DM उमेश कुमार मिश्रा ने SDM खतौली से वार्ता की। जांच के बाद आरोपी लेखपाल के खिलाफ FIR दर्ज करने और उसकी सेवा समाप्त करने के निर्देश जारी कर दिए। यह मामला अब विभागीय जांच और कानूनी कार्रवाई के दौर में है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता में आक्रोश

रोहित और बिट्टू प्रजापति ने कहा कि “लेखपाल जैसे अधिकारी गरीबों का शोषण कर रहे हैं। साक्ष्य के साथ शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई में देरी होती है।”

स्थानीय लोग भी पूछ रहे हैं कि “रिश्वत लेने और लेकर काम न करने वाले लेखपालों पर कब लगाम लगेगी?” यह मामला खतौली तहसील में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा उदाहरण बन सकता है।

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