मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में साइबर अपराधियों के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऐसे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर भोले-भाले लोगों को निजी जरूरत का हवाला देकर उनके नाम पर सिम कार्ड निकलवाते थे। इन सिमों को शाहपुर क्षेत्र में एक्टिवेट करने के बाद उन पर आने वाले WhatsApp OTP विदेश में बैठे अपने साथियों को दे देते थे। SP क्राइम इंदु सिद्धार्थ के मुताबिक, इन नंबरों पर WhatsApp अकाउंट लॉगिन कराकर भारत में साइबर धोखाधड़ी की घटनाएं कराई जा रही थीं।
गुरुवार अपराह्न करीब 4 बजे SP क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोनू पुत्र मेहर इलाही और कबीर पुत्र मुकीम के रूप में हुई है। दोनों ग्राम हरसौली, थाना शाहपुर के निवासी हैं। उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
SP के अनुसार, गृह मंत्रालय भारत सरकार के ऑनलाइन पोर्टल ‘प्रतिबिम्ब’ पर मुज़फ़्फ़रनगर से फर्जी WhatsApp कॉल और मैसेज के जरिए लोगों के साथ साइबर धोखाधड़ी किए जाने की शिकायतें मिली थीं। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने इन शिकायतों की जांच शुरू की तो सामने आया कि धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर शाहपुर क्षेत्र में एक्टिवेट किए गए थे। इन नंबरों के WhatsApp OTP विदेश में बैठे साइबर अपराधियों को साझा किए जाते थे।
SP क्राइम इंदु सिद्धार्थ का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि वे अपने परिचितों से निजी इस्तेमाल के नाम पर सिम कार्ड निकलवाते थे। इसके बाद सिम को शाहपुर क्षेत्र में एक्टिवेट कर उस पर आने वाला OTP विदेश में बैठे अपने साथियों को दे देते थे। इससे विदेशी साइबर अपराधी भारतीय मोबाइल नंबरों पर WhatsApp अकाउंट लॉगिन कर पाते थे और इन्हीं अकाउंट के जरिए भारत में लोगों को निशाना बनाते थे।
जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन में करीब 70 सिम एक्टिवेट होने की जानकारी मिली है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इन सिमों में से कितने नंबरों पर विदेश में बैठे साथियों को WhatsApp लॉगिन कराया गया और किन-किन लोगों के साथ इन नंबरों के जरिए धोखाधड़ी हुई।
पुलिस के मुताबिक, अब तक इस नेटवर्क से जुड़ी दो साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं की जानकारी सामने आई है। इनमें एक शिकायत झारखंड और दूसरी पश्चिम बंगाल से संबंधित है। दोनों मामलों में कुल 53 लाख 83 हजार 822 रुपये की धोखाधड़ी की जानकारी मिली है। अन्य एक्टिवेट सिमों और उनसे जुड़ी शिकायतों के संबंध में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
SP क्राइम इंदु सिद्धार्थ का कहना है कि इस मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों के अलावा अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

