मुज़फ़्फ़रनगर। कांवड़ यात्रा के दौरान करोड़ों शिवभक्तों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (Food Safety Department) पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। विभाग ने पूरे कांवड़ मार्ग को छह रूट में विभाजित कर सोमवार से प्रत्येक रूट पर एक-एक विशेष टीम तैनात कर दी है। ये टीमें यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की लगातार निगरानी करेंगी।

मंगलवार सुबह करीब 11 बजे मीडिया से बातचीत के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी अर्चना धीरान ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग का फोकस केवल मिलावट रोकने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ओवररेटिंग, साफ-सफाई, खाद्य गुणवत्ता और लाइसेंस संबंधी नियमों का पालन भी सख्ती से कराया जाएगा। विभाग की ओर से कांवड़ मार्ग पर स्थित सभी खाद्य प्रतिष्ठानों पर निर्धारित रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराई जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं से मनमाने दाम न वसूले जा सकें।
इसके साथ ही प्रत्येक प्रतिष्ठान पर ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ ऐप का QR कोड भी लगाया जा रहा है। कोई भी शिवभक्त इस QR कोड को स्कैन कर संबंधित होटल या दुकान की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकता है। यदि खाने की गुणवत्ता, ओवररेटिंग, मिलावट या किसी अन्य अनियमितता की शिकायत हो, तो वह सीधे ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करा सकता है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि सभी दुकानदारों को अपने लाइसेंस एवं पंजीकरण प्रमाणपत्र को दुकान के प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उन्हें साफ-सफाई बनाए रखने, ताजा भोजन परोसने, बासी खाद्य पदार्थ न बेचने, प्रतिबंधित रंगों का प्रयोग न करने, स्वच्छ बर्तनों का उपयोग करने तथा खाद्य सामग्री को निर्धारित तापमान पर सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान यदि कोई दुकानदार मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचते, ओवररेटिंग करते या नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
उधर, कांवड़ मार्ग पर स्थित एक होटल संचालक रोहित कुमार ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम उनके प्रतिष्ठान का निरीक्षण कर चुकी है।
सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलने पर रेट लिस्ट और अन्य आवश्यक निर्देश प्रदर्शित करा दिए गए हैं और निर्धारित दरों पर ही खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों की ओर जाने वाले करोड़ों शिवभक्त मुज़फ़्फ़रनगर से होकर गुजरते हैं। ऐसे में जिला प्रशासन के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा विभाग भी यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और शिकायत-मुक्त बनाने के लिए लगातार निगरानी अभियान चला रहा है।



