मुज़फ़्फ़रनगर। कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस को चुनौती देने, पत्रकारों से मारपीट और सोशल मीडिया पर लोकप्रियता के लिए कथित तौर पर हुड़दंग मचाने वाले लोगों के खिलाफ अब हिंदू संगठनों के भीतर से भी कड़ी आवाज उठने लगी है। हिंदू संघर्ष समिति के संयोजक नरेंद्र पंवार ने मंगलवार सुबह करीब 9 बजे ऐसे लोगों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “ये शिवभक्त नहीं, बल्कि व्यूज़ और फॉलोअर्स के भूखे उपद्रवी हैं। मुज़फ़्फ़रनगर में आस्था के साथ खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
पत्रकारों से बातचीत में नरेंद्र पंवार ने कहा कि सच्चा शिवभक्त कांवड़ लेकर आगे बढ़ता है, पीछे नहीं लौटता, लेकिन कुछ लोग आठ-दस दिन में कई-कई बार शिव चौक का चक्कर लगा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे लोग आखिर कांवड़ यात्रा कर रहे हैं या सोशल मीडिया के लिए कंटेंट बना रहे हैं?
उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा करोड़ों शिवभक्तों की आस्था का विषय है, लेकिन कुछ लोग इसे अपने निजी प्रचार और सोशल मीडिया की दुकान चलाने का माध्यम बना चुके हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
नरेंद्र पंवार ने प्रशासन से मांग की कि सहयोग की नाम ‘ठेके पर कांवड़’ के साथ–साथ चलने और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो बनाने के लिए जानबूझकर विवाद पैदा करने वाले गिरोहों की गहन जांच कराई जाए। यदि कोई व्यक्ति श्रद्धा की आड़ में कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से 10 जुलाई को शिव चौक पर हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जिस प्रकार कुछ लोगों ने शहर कोतवाल को खुलेआम “5 मिनट में वर्दी उतरवा देने” की धमकी दी और कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ मारपीट की, वह अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस घटना में एक पत्रकार के हाथ में फ्रैक्चर तक हो गया, लेकिन ऐसे तत्वों को किसी भी कीमत पर संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।
हिंदू संघर्ष समिति संयोजक ने कहा कि सच्चे कांवड़िये प्रशासन के नियमों का सम्मान करते हैं और अनुशासन के साथ यात्रा पूरी करते हैं। इसलिए यात्रा की पवित्रता भंग करने वाले उपद्रवियों और वास्तविक शिवभक्तों के बीच स्पष्ट अंतर किया जाना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि ऐसे सभी लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ उदाहरणात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति आस्था को अपनी सस्ती लोकप्रियता का माध्यम न बना सके।



