मदरसा महमूदिया के सालाना जलसे में एक धर्मगुरु का वायरल भाषण अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है! वायरल वीडियो में ‘गैर-मुस्लिम’ स्कूलों में पढ़ने वाले मुस्लिम बच्चों को “मुशरिक” बताते हुए ईमान खत्म होने का दावा और मुस्लिमों से अपने स्कूल-कॉलेज बनाने की अपील की जा रही है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित मदरसा महमूदिया में दो दिन पहले आयोजित सालाना जलसे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मंच से बोलते एक मुस्लिम धर्मगुरु गैर-मुस्लिम मालिकाना हक वाले स्कूल-कॉलेजों में मुस्लिम बच्चों के पढ़ने पर खासी नाराजगी जता रहे हैं।
उनका कहना है कि “ऐसे स्कूलों में मुस्लिम बच्चे “मुशरिक” (बहुदेववादी) बन रहे हैं और उनका ईमान खतरे में पड़ रहा है।”

“ईमान महफूज नहीं”
वीडियो में धर्मगुरु ने कहा कि मुस्लिम माता-पिता अपने बच्चों को उन स्कूलों-कॉलेजों में भेजते हैं जहां उनका ईमान महफूज नहीं रहता। वहां मुशरिक (बहुदेववादी) लोग बच्चों को ऐसी शिक्षा देते हैं कि बच्चे भी मुशरिक बन जाते हैं।
- उन्होंने कहा,
“सुबह से शाम तक जुबानों पर फाते, गीत, कलमें जारी रहती हैं! ये सब मुशरिकाना है। इससे ईमान खत्म हो जाता है या खतरे में पड़ जाता है।”

“पढ़ाई जाती हैं मुशरिकाना किताबें”
उन्होंने आगे कहा कि जब हम बच्चे को ऐसे स्कूलों के सुपुर्द कर देते हैं जहां ‘मुशरिकाना अकाइद’ सिखाए जाते हैं, सिखाए नहीं जाते बल्कि उनके दिलो-दिमाग में भरे जाते हैं!
- आगे कहा कि
हम देखते हैं कि सुबह-सुबह बच्चे बनठन कर, अच्छा लिबास पहनकर, बस्ता टांगकर जाते हैं और मां-बाप खुश होते हैं कि हमारा बच्चा जेंटलमैन बनेगा। लेकिन वहां मुशरिकाना किताबें पढ़ाई जाती हैं, जिनमें मुशरिकाना (बहुदेववादी अथवा मूर्तिपूजक), कुफरी ( अल्लाह, पैगंबर, या कुरान के प्रति अनादर) और खराफात भरी होती हैं। इससे बच्चे का ईमान खराब होता है।”
वायरल वीडियो में देखिए, मौलाना ने क्या कुछ कहा?
“अपने स्कूल-कॉलेज बनाओ, बहन-बेटियों की इज्जत बचाओ”
धर्मगुरु ने मुस्लिमों से अपील की कि वे अपने स्कूल-कॉलेज कायम करें।
- उन्होंनेकहा,
“हम अपनी बहन-बेटियों को ऐसे स्कूलों में भेज देते हैं जहां न ईमान महफूज है और न इज्जत। वहां छोटे लिबास पहनाए जाते हैं, उनकी वीडियो बनाई जाती है। फिर आपको एतराज क्यों होता है? अपने स्कूल-कॉलेज क्यों नहीं बनाते?”
“ऊंची तालीम दो, लेकिन ईमान की हिफाजत भी करो”
उन्होंने कहा कि “ऊंची से ऊंची तालीम दो, अच्छे से अच्छे स्कूल में पढ़ाओ। हम ये नहीं कहते कि सबको मौलवी बनाओ। लेकिन जैसे मौलवियों की जरूरत है, वैसे ही अफसरों, डॉक्टरों, वकीलों की जरूरत है। कुरान की आयत में लिखा है कि अपने ईमान की हिफाजत करो। मदरसे बना सकते हैं तो स्कूल-कॉलेज भी बना सकते हैं।”

मुस्लिम स्कूलों पर भी सवाल
धर्मगुरु ने मुस्लिमों द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों पर भी सवाल उठाए। कहा कि “मुस्लिम स्कूलों में भी दीन नाम की कोई चीज नहीं है। वहां पढ़ाने वाले स्टाफ खुद नमाज नहीं पढ़ते, तो बच्चों को क्या सिखाएंगे?”
शादियों में करोड़ों खर्च, तालीम पर नहीं!
उन्होंने मुस्लिम समाज पर तंज कसा, “शादियों में लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन तालीम के नाम पर पैसा नहीं है।”

क्या कहती है पुलिस?
मदरसे का वीडियो वायरल होते ही पुलिस भी सक्रिय हो गई है। एसपी देहात आदित्य बंसल ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
“वायरल वीडियो के आधार पर जांच कराई जाएगी, अगर कुछ भी गलत पाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी।” :आदित्य बंसल, एसपी देहात, मुजफ्फरनगर



