मुज़फ़्फ़रनगर। मोरना ब्लॉक के दरियाबाद गांव से करीब जंगल की ओर बढ़ते ही एक कुटिया दिखाई देती है। यहां ब्रह्मचारी संदीप भगत पिछले कई वर्षों से खड़े होकर तपस्या कर रहे हैं। अब उनकी साधना का संकल्प मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री के रूप में देखने की कामना से जुड़ा है।

रविवार सुबह करीब 7 बजे संदीप भगत के मुताबिक, उनकी तपस्या का सिलसिला वर्ष 2013 से अलग-अलग संकल्पों के साथ चल रहा है। उन्होंने बताया कि उस समय गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनाए जाने की कामना से उन्होंने 41 दिन तक खड़े रहकर तपस्या की थी। इसके बाद वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाए जाने की कामना को लेकर भी साधना की।
अब उनका संकल्प 2027 के विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। संदीप भगत का कहना है कि वह योगी आदित्यनाथ के तीसरी बार उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने और वर्ष 2029 में उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में देखने की कामना कर रहे हैं। इसी संकल्प के साथ वह जंगल के बीच अपनी कुटिया में खड़े रहकर साधना कर रहे हैं।
तपस्या के दौरान वह गायत्री मंत्रों के साथ यज्ञ भी करते हैं। ग्रामीण भी उनकी कुटिया के बाहर पहुंचते हैं और भजन-कीर्तन करते हैं। इससे आसपास के इलाके में उनकी तपस्या चर्चा का विषय बनी हुई है।
संदीप भगत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपना मार्गदर्शक मानते हैं। उनका कहना है कि दोनों सनातन धर्म के साथ सभी धर्मों के लोगों के लिए काम कर रहे हैं। वह ग्रामीणों को सनातन धर्म के प्रचार के साथ जातिगत बंधनों से ऊपर उठकर आपसी भाईचारे और मिलजुलकर रहने का संदेश भी देते हैं।
राहुल गांधी को लेकर भी संदीप भगत ने अपनी राजनीतिक राय रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अक्सर देश विरोधी तत्वों और आतंकवादियों का पक्ष लेते हैं।
वहीं नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ को लेकर उन्होंने कहा कि दोनों देश और धर्म की रक्षा के लिए काम कर रहे हैं।

